रिम्स परिसर स्थित पावरग्रिड विश्राम गृह के संचालन को लेकर लंबे इंतजार के बाद बड़ी पहल की गई है। निर्धारित निविदा प्रक्रिया के बाद साउथ विहार वेलफेयर सोसाइटी फॉर ट्राइबल्स का चयन किया गया है। चयनित संस्था द्वारा विश्राम गृह का संचालन नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी से शुरू किया जाएगा। यह निर्णय दूर-दराज से इलाज के लिए रिम्स आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। मरीज हित को ध्यान में रखते हुए विश्राम गृह के किराए में भी उल्लेखनीय कटौती की गई है। पहले जहां 100 रुपए प्रति व्यक्ति प्रतिदिन शुल्क लिया जा रहा था, वहीं अब नई एजेंसी मात्र 25 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से बिस्तर उपलब्ध कराएगी। रिम्स प्रबंधन ने बताया कि पहले 7 दिनों तक 25 रुपए प्रति व्यक्ति प्रतिदिन भुगतान करना होगा। जबकि 7 दिनों के बाद 50 रुपए प्रति व्यक्ति प्रतिदिन देना होगा। इन दरों को रिम्स की गवर्निंग बॉडी से अनुमोदन मिल चुका है। इस फैसले से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जो लंबे इलाज के कारण आर्थिक दबाव झेलते हैं। अब तक विश्राम गृह का केवल पहला तल्ला ही संचालित था, जिससे सीमित संख्या में लोगों को ही लाभ मिल पा रहा था। नए संचालन के साथ पांचों तल्लों में कुल 310 बेड पूरी तरह फंक्शनल हो जाएंगे। इससे रिम्स में भर्ती हजारों मरीजों के परिजनों को ठहरने का बेहतर विकल्प मिलेगा। कैंटीन, कैफेटेरिया व फार्मेसी भी विश्राम गृह में जल्द ही कैंटीन, कैफेटेरिया और फार्मेसी का संचालन भी शुरू होगा। चयनित एजेंसी ही इन सभी का संचालन करेगी। इससे परिजनों को भोजन, चाय-कॉफी और दवाइयों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। परिसर में ही सभी सुविधाएं होंगी। अबतक 1 तल्ला ही संचालित था अब तक विश्राम गृह का केवल पहला तल्ला ही संचालित था, जिससे सीमित लोगों को ही बेड की सुविधा मिल पा रही थी। अब पांचों तल्लों में कुल 310 बेड की सुविधा मिलेगी। इससे परिजनों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। ऐसे मिलेगा विश्राम गृह में बेड प्रबंधन द्वारा जारी नियमों के अनुसार, रिम्स में भर्ती होने वाले मरीज के परिजनों को ही विश्राम सदन में ठहरने की व्यवस्था दी जाएगी। इसके लिए भर्ती कागज के साथ एक आवेदन एजेंसी के समक्ष जमा करना होगा। निर्धारित फॉर्मेलिटी के बाद बेड एलॉट किया जाएगा। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है 2000 मरीजों के परिजन महंगे कमरों में रहने को मजबूर रिम्स राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां एक समय में 2000 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। विश्राम गृह का निर्माण इसी उद्देश्य से कराया गया था कि परिजनों को 50-100 जैसे न्यूनतम शुल्क पर ठहरने की सुविधा मिल सके। लेकिन भवन के पूरी तरह फंक्शनल न होने के कारण आज भी कई गरीब परिजन 1000-2000 में बाहर कमरे लेने को विवश हैं। अब ऐसा नही होगा। नए साल में 25 रुपये की शुल्क पर इन्हें कमरा उपलब्ध हो सकेगा।


