अमन मिश्रा रिम्स में कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। संस्थान में कैंसर की जांच से लेकर इलाज तक की सुविधाओं को एडवांस बनाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। रिम्स प्रबंधन की ओर से कैंसर विभाग के लिए करीब 36 करोड़ रुपए से अधिक की अत्याधुनिक मशीनों और उपकरणों की खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इन उपकरणों के आने के बाद कैंसर मरीजों को इलाज के लिए बाहर भेजने की मजबूरी काफी हद तक खत्म हो सकेगी। रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिरेन बिरूआ ने बताया कि अब तक उपकरणों की कमी के कारण कैंसर मरीजों को समय पर जांच और इलाज नहीं मिल पाता था। कई मामलों में देरी की वजह से मरीजों की हालत और गंभीर हो जाती थी। इसे ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि कैंसर विभाग को पूरी तरह आधुनिक बनाया जाए, ताकि मरीजों को एक ही छत के नीचे समुचित इलाज उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि उपकरणों की उपलब्धता के बाद मरीजों को जांच के लिए बाहर नहीं भटकना पड़ेगा और इलाज की प्रक्रिया भी तेज होगी। जल्द लगेगी एडवांस एमआरआई मशीन ^रिम्स में एक एमआरआई मशीन क्षेत्रीय नेत्र संस्थान बिल्डिंग में इंस्टॉल कराई जा चुकी है। यह फंक्शनल भी हो चुकी है। जल्द एक और एडवांस एमआरआई मशीन पहुंच जाएगी। एडवांस थ्री टेसला वाली मशीन की कीमत 22 करोड़ रुपए है। इसके लिए प्रबंधन ने चयिनत सप्लायर को वर्कऑर्डर भी जारी कर दिया है। – डॉ. हिरेन बिरूआ, चिकित्सा अधीक्षक ऑन्कोलॉजी इमरजेंसी शुरू करने की तैयारी डॉ. बिरूआ ने बताया कि कैंसर विभाग में ऑन्कोलॉजी इमरजेंसी सेवा शुरू करने का प्रस्ताव पहले ही तैयार किया जा चुका है। लेकिन इससे पहले विभाग की बुनियादी कमियों को दूर किया जा रहा है। उपकरणों की खरीद पूरी होने के बाद फैकल्टी और मैनपावर की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि जल्द से जल्द ऑन्कोलॉजी इमरजेंसी को भी शुरू किया जा सके। सुविधाओं के विकास से झारखंड के साथ पड़ोसी राज्यों के मरीजों को सीधा लाभ इन सुविधाओं के विकसित होने से झारखंड ही नहीं, आसपास के राज्यों से आने वाले कैंसर मरीजों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। रिम्स को रीजनल कैंसर केयर सेंटर के रूप में मजबूत करने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है। प्रबंधन का दावा है कि आने वाले समय में रिम्स कैंसर उपचार के क्षेत्र में राज्य का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।


