रीको और कृषि विभाग आमने-सामने:रीको – कृषि विभाग की 746 बीघा भूमि बंजर पड़ी है… इसे कारखाने लगाने के लिए दी जाए

जयपुर से 40 किमी दूर बस्सी तहसील के गांव पडासौली सीड्स फार्म की 746 बीघा ज़मीन को लेकर रीको और कृषि विभाग आमने-सामने हैं। रीको का कहना है यह भूमि बंजर है। इसके कुछ हिस्से में पशुओं के लिए सिर्फ चारा पैदा होता है। ऐसे में यह जमीन उद्योग लगाने के लिए रीको (राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन) को दी जाए। गौरतलब है सरकार ने बजट 2025-26 में रीको बसाने की घोषणा की थी। दूसरी ओर, कृषि विभाग और श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय का कहना है कि यहां प्रदेश का सबसे बड़ा उन्नत बीज उत्पादन केंद्र है। इसका औद्योगिक उपयोग कैसे संभव है? रीको ने सरकार को लिखे पत्र में कहा कि यह ज़मीन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से 4 किमी और एनएच-21 से 11 किमी दूर है। इन्वेस्टमेंट समिट में निवेशकों ने उद्योगों के लिए जयपुर के पास जमीन मांगी थी। पडासौली सीड्स फार्म की 188 हेक्टेअर राजकीय जमीन उद्योगों के लिए चिन्हित की गई है। प्रस्तावित जमीन पर एक्सप्रेस वे से आवागमन की सुविधा है। उद्योगों के लिए उपजाऊ जमीन हम नहीं देंगे : कृषि मंत्री किसानों का हित सर्वोपरि है। पडासौली सीड्स फार्म की जमीन कृषि वैज्ञानिकों ने कई सालों की मेहनत के बाद उपजाऊ बनाई है। यहां उन्नत बीज पैदा ​किए जाते हैं। तालाब बनाए गए हैं। उद्योग के लिए बंजर जमीन लेते हैं। हम उपजाऊ जमीन क्यों देंगे? उद्योग विभाग कहीं और जमीन तलाशे। -किरोड़ी मीणा, कृषि मंत्री, राजस्थान फार्म में 5 बड़े तालाब भी बनाए गए, अब तक 20 हजार किसानों को बीज बांटे गए हैं रीको के जमीन मांगने पर कृषि विभाग और कृषि विश्वविद्यालय ने कड़ी आपत्ति जताई है। कृषि विभाग का कहना है कि रीको के अधिकारी गलत जानकारी दे रहे हैं। यह जमीन बंजर नहीं है। यहां किसानों के लिए उन्नत किस्म के बीज तैयार किए जाते हैं। प्रदेश के हजारों किसानों की आजीविका चल रही है। 20 हजार से अधिक किसानों को बीज बांटे जाते हैं। यहां साल 2021-22 से खरीफ और रबी सीजन में उन्नत बीजों का उत्पादन किया जा रहा है। इन चार सालों में अब तक 27 सौ क्विंटल उन्नत किस्म के बीज उगाए जा चुके हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने इसे खेती योग्य बनाया है। सीड्स फार्म में 5 बड़े तालाब बनाकर बारिश का पानी संग्रहित किया जाता है। कृषि विभाग : यह भूमि बंजर नहीं, चार साल में 2700 क्विंटल उन्नत बीज उगाए कृषि मंत्री ने कहा- उद्योगों के लिए उपजाऊ जमीन हम नहीं देंगे
“किसानों का हित सर्वोपरि है। पडासौली सीड्स फार्म की जमीन कृषि वैज्ञानिकों ने कई सालों की मेहनत के बाद उपजाऊ बनाई है। यहां उन्नत बीज पैदा ​किए जाते हैं। तालाब बनाए गए हैं। उद्योग के लिए बंजर जमीन लेते हैं। हम उपजाऊ जमीन क्यों देंगे? उद्योग विभाग कहीं और जमीन तलाशे।”
-किरोड़ी मीणा, कृषि मंत्री, राजस्थान

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *