रीवा-इंदौर-रीवा हवाई सेवा के किराए को लेकर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने विमान कंपनी इंडिगो को पत्र लिखा है। उन्होंने 22 दिसंबर 2025 से शुरू होने जा रही इस फ्लाइट के किराए पर आपत्ति जताई है। डिप्टी सीएम ने कहा है कि मौजूदा किराया आम यात्रियों और विशेषकर विद्यार्थियों के लिए अव्यवहारिक है। इससे सेवा का अपेक्षित लाभ लोगों को नहीं मिल पाएगा। उपमुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि रीवा-इंदौर सेक्टर का बेसिक फेयर 5263 रुपए तय किया गया है, जबकि रीवा से अन्य महानगरों के लिए यह लगभग 10 हजार रुपए रखा गया है। उन्होंने चिंता जताई कि डायनामिक फेयर लागू होने पर किराया और अधिक बढ़ जाता है। इससे मध्यम वर्ग और छात्र वर्ग के लिए हवाई यात्रा करना लगभग असंभव हो जाएगा। प्रयागराज और बनारस का दिया हवाला
राजेंद्र शुक्ला ने तर्क दिया है कि अभी रीवा के लोग मुंबई या अन्य महानगरों में जाने के लिए प्रयागराज और बनारस से फ्लाइट लेते हैं। वहां से किराया आमतौर पर 5 हजार से 7 हजार रुपए के बीच रहता है। ऐसे में यदि रीवा-इंदौर फ्लाइट का किराया 3500 से 4000 रुपए और अन्य कनेक्टिंग फ्लाइट्स का किराया 7 से 7.5 हजार रुपए रखा जाए, तो यह यात्रियों और एयरलाइन दोनों के हित में होगा। महंगे टिकट से यात्री नहीं करेंगे सफर
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि यदि किराया बहुत ज्यादा होगा, तो यात्रियों का रुझान इस हवाई सेवा की ओर नहीं होगा। इससे योजना का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने इंडिगो के सेल्स डायरेक्टर से आग्रह किया है कि किराए की दरों का पुनर्निर्धारण किया जाए, ताकि रीवा क्षेत्र के लोग सस्ती और सुलभ हवाई सेवा का लाभ उठा सकें।


