रीवा केंद्रीय जेल से आजीवन कारावास के 9 बंदी रिहा:गणतंत्र दिवस पर मिला आजादी का तोहफा, जुर्माना ने देने पर एक कैदी को 2 साल और जेल

रीवा में गणतंत्र दिवस के मौके पर एक अहम फैसला सामने आया। राज्य शासन के जेल विभाग के निर्देश पर केंद्रीय जेल रीवा से आजीवन कारावास की सजा काट रहे 9 बंदियों को रिहा किया गया। ये सभी बंदी हत्या और अन्य मामलों में सजा काट रहे थे और सजा की अवधि व शासन से मिली छूट को मिलाकर 20 साल पूरे कर चुके थे। जेल प्रशासन के अनुसार रिहा किए गए बंदियों में कालू उर्फ शहीद (रीवा), विदेशी (शहडोल), प्रेम सिंह (सिंगरौली), हरीलाल (अनूपपुर), तरन्नुद्दीन उर्फ बदल द्विवेदी (रीवा), सुरेंद्र यादव (सिंगरौली), लीलाधर उर्फ लीलू (अनूपपुर), जियालाल साकेत (सिंगरौली) और राहुल केवट (अनूपपुर) शामिल हैं। सभी को 26 जनवरी 2026 को जेल से रिहा किया गया। एक आरोपी को 2 साल की सजा और भुगतनी होगी नंदीलाल बैगा (शहडोल) को आजीवन कारावास से तो मुक्त कर दिया गया, लेकिन एक लाख रुपये का जुर्माना जमा न होने के कारण उसे 27 जनवरी 2026 से दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कैदियों में खुशी का माहौल
जेल अधीक्षक एस.के. उपाध्याय ने बताया कि शासन के स्पष्ट नियमों के अनुसार योग्य बंदियों की सजा की समीक्षा के बाद रिहाई की गई है। पूरी प्रक्रिया कानून के तहत और पारदर्शी तरीके से पूरी की गई। रिहाई के समय सभी बंदियों को साल और श्रीफल भेंट कर शुभकामनाओं के साथ विदा किया गया। गणतंत्र दिवस पर मिली इस रिहाई से बंदियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल देखने को मिला। जेल अधीक्षक एस.के. उपाध्याय ने बताया कि शासन के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत पात्र बंदियों की सजा की समीक्षा कर रिहाई की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि रिहाई की पूरी प्रक्रिया विधि सम्मत और पारदर्शी तरीके से संपन्न की गई। रिहाई के अवसर पर सभी बंदियों को साल और श्रीफल भेंट कर शुभकामनाओं सहित विदा किया गया। गणतंत्र दिवस पर मिली इस रिहाई से बंदियों और उनके परिजनों में खुशी का माहौल देखने को मिला।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *