रीवा के तराई में तेंदुए की दहशत:4 दिन बाद भी नहीं पकड़ा जा सका, लोग सतर्क होकर मना रहे नया साल

रीवा में यूपी-एमपी बॉर्डर पर तेंदुए ने बीते 4 दिनों से दहशत फैला रखी है। उसे पकड़ने के लिए वन विभाग लगातार कोशिश कर रहा है, लेकिन अब तक कामयाबी नहीं मिली। इधर, तेंदुए को अब तक न पकड़ पाने से नाराज भाजपा नेता ग्रामीणों के साथ भी मच्छरदानी लेकर उसे पकड़ने निकल पड़े थे। लेकिन तेंदुआ अब तक पकड़ में नहीं आया है। जिस वजह से ग्रामीण दहशत में हैं। तराई अंचल के गांव में रहने वाले लोग राहत की सांस नहीं ले पा रहे हैं। तेंदुए के मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए तराई अंचल में लोग सावधान होकर नया साल मना रहे हैं। रीवा में नए साल में भी तेंदुए की दहशत जारी है। जहां जनेह थाना क्षेत्र के खातिलवार में चार लोगों को घायल करने के बाद तेंदुआ अब तक नहीं पकड़ा जा सका है। चार दिनों से तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम खाक छान रही है। लेकिन अब तक तेंदुए का कोई सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि तेंदुआ एक बार ड्रोन कैमरे में जरूर कैद हुआ था। जिस गांव में शिकारी तेंदुए ने हमला कर लोगों को घायल किया था। उसी गांव में शिकारी तेंदुआ सरसों के खेत के बीच छिपा नजर आया था। तराई अंचल में लगातार तेंदुए के मूवमेंट के बाद भी लोग दहशत के बीच नया साल मना रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, तेंदुए ने बीते शुक्रवार को हमले में चार लोगों को घायल किया था। उधर, बुधवार को जंगल से सटे धार्मिक स्थल के करीब भी एक तेंदुआ लोगों को नजर आया है। बताया गया कि बुधवार को सिरमौर वन परिक्षेत्र के पनगढ़ी क्षेत्र में भी एक तेंदुआ नजर आ गया। जिसके आसपास भटवा,कठमणा, हिनौती और जवा गांव भी हैं। इलाका जवा की सीमा से लगा हुआ है। रीवा का त्योंथर,मनगवा और एमपी-यूपी बॉर्डर का इलाका आपस में सटा हुआ है। इसलिए शिकारी तेंदुए के मूवमेंट और हमले से तराई अंचल के इन इलाकों को संवेदनशील माना जा रहा है। बुधवार को दिखे तेंदुए ने किसी पर हमला नहीं किया। लेकिन जनेह में पांच लोगों पर तेंदुए के हमले के बाद तराई अंचल के लोगों में डर का माहौल है। शाम 5 बजे के बाद घर से नहीं निकल रहे लोग तराई अंचल के स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग नए साल के जश्न के बीच बराबर निगरानी नहीं कर रहा है। तेंदुआ फुर्तीला जानवर माना जाता है। लिहाजा आसपास के 100 किलोमीटर में दहशत का माहौल है। जनेह थाना क्षेत्र में चार लोगों पर हमला करने के बाद शिकारी तेंदुए की दहशत इतनी अधिक बढ़ गई है कि ग्रामीण और चरवाहे ने भी शाम 5 के बाद घर से निकलना बंद कर दिया है। वन विभाग अब तक तेंदुए के सही मूमेंट का पता नहीं लग पाया है। जिसकी वजह से आसपास के 100 किलोमीटर के एरिया में लोग भ्रम में है कि आखिरकार तेंदुआ किस दिशा में गया। चरवाह मुन्ना लाल यादव ने बताया कि तेंदुआ बहुत ही फुर्ती से मेरे करीब से निकला। मैं बाल-बाल बच गया। अच्छा हुआ कि मैं समय रहते वहां से हट गया हमला नहीं कर पाया। उधर, वन विभाग और पुलिस का कहना है कि जनेह थाना क्षेत्र के खतिलवार गांव में जिस तेंदुए ने चार लोगों पर हमला किया था। उस शिकारी तेंदुए की लगातार तलाश की जा रही है। जिसका रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा। टीआई ने कहा-घायलों की हालत स्थिर थाना प्रभारी कन्हैया बघेल ने बताया कि तेंदुआ सरसों के एक खेत में घात लगाकर बैठा था। हमले में चार लोग घायल हुए हैं। सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। घायलों में रामसागर कोल (55), भैरव प्रसाद कोल (50), सूरज कोल (16), बृजलाल कोल (57) शामिल हैं। एसपी ने कहा-गांवों में अलर्ट जारी किया एडिशनल एसपी विवेक लाल ने बताया कि वन विभाग और पुलिस की टीम लगातार तेंदुए की तलाश कर रही है। घटनास्थल और आसपास के गांव में लोगों को सतर्क रहने की सूचना दे दी गई है। जबकि घायलों का इलाज चल रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *