रीवा के शिखा कांड मामले में पुलिस ने आरोपी दीपक पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बताया गया कि आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है। उधर मामले को लेकर कई राष्ट्रीय संगठन और राजनीतिक दल देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं। संगठनों की मांग है कि प्रकरण में गंभीर धाराएं बढ़ाई जाएं और निष्पक्ष जांच की जाए। पीड़ित रोहित यादव को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव सहित भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद का भी समर्थन मिल चुका है। पुलिस पर मामला टालने का आरोप
इसके पहले पीड़ित रोहित यादव ने पुलिस पर कार्रवाई में टालमटोल के आरोप लगाए थे। उसने कहा उसके साथ न सिर्फ जातिगत आधार पर ज्यादती की गई, बल्कि उसके साथ मारपीट भी की गई और जबरन उसकी चोटी उखाड़ी गई। पीड़ित द्वारा पूरी घटना सार्वजनिक किए जाने के बाद मामला देशभर में चर्चा में आ गया। एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा के अनुसार, आरोपी दीपक पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। चोटी को सैंपल जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है और इसके लिए पीड़ित से चोटी उपलब्ध कराने को कहा गया था। जो पुलिस को मिल चुकी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। समाजवादी पार्टी, यादव महासभा, भीम आर्मी, ओबीसी महासभा समेत पीड़ित और उसके समर्थन में सामने आए संगठनों का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। संगठनों का कहना है कि जब तक पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई पूरी नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा। तुम यादव हो… कहकर 12 इंच लंबी चोटी उखाड़ी ”मैं ब्राह्मण हूं और तुम यादव हो। तुम्हें चोटी रखने का कोई अधिकार नहीं… कहते हुए उसने मेरी 12 इंच लंबी चोटी उखाड़ दी।” ये आरोप रीवा जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के मझिगवां गांव में रहने वाले रोहित यादव ने एक ब्राह्मण युवक पर लगाए हैं। उसने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पूरी खबर पढ़िए…


