रीवा में दो-दो बड़ी डकैती; अबतक नहीं पकड़ाए आरोपी:घर में घुसकर गन प्वाइंट पर की थी वारदात, साइंटिस्ट दंपती को डेढ़ घंटे तक बनाया बंधक

रीवा जिले में गन पॉइंट पर की गई दो सनसनीखेज डकैती की घटनाओं का खुलासा अब तक नहीं हो पाया है। एक मामला पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के साइंटिस्ट के घर हुई बर्बर डकैती का है, तो दूसरा एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को बंधक बनाकर की गई डकैती का। दोनों ही मामलों में पीड़ित परिवार आज भी दहशत में है और पुलिस की जांच सवालों के घेरे में है। केस-1 : साइंटिस्ट दंपती को डेढ़ घंटे तक बनाया बंधक 16-17 जुलाई 2024 की दरमियानी रात रीवा शहर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में पदस्थ साइंटिस्ट चंद्रशेखर पटेल (59) के घर छह बदमाश घुस आए। बदमाशों ने साइंटिस्ट और उनकी पत्नी राजकुमारी पटेल (59) को गन पॉइंट पर लेकर बेरहमी से पीटा और करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाए रखा। पीड़ितों के मुताबिक बदमाश 6 लाख रुपए नकद और जेवर लूटकर फरार हो गए। मारपीट में घायल दंपती को शासकीय कुशाभाऊ ठाकरे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दैनिक भास्कर से बातचीत में राजकुमारी पटेल ने बताया कि बदमाशों ने उनके हाथ-पैर और मुंह टेप से बांध दिए थे, आंखों पर भी टेप चिपका दिया गया था। अंगुलियों को जूतों से मसल दिया गया, चेहरे और सीने पर जूते मारे गए, गले पर पैर रखा गया और बाल पकड़कर करीब 50 मीटर तक जमीन पर घसीटा गया। पति चंद्रशेखर पटेल के साथ भी जमकर मारपीट की गई। साइंटिस्ट वर्तमान में सतना में पदस्थ हैं और पत्नी के साथ रीवा में रहते हैं। घटना के वक्त घर में सिर्फ एक कुत्ता था, जिसे बदमाशों ने रसोई में बंद कर दिया था। दोनों बेटियां भोपाल में और बेटा बीना में नौकरी करता है। हैरानी की बात यह है कि डेढ़ साल से अधिक समय बीतने के बावजूद इस डकैती कांड का कोई खुलासा नहीं हो सका है। केस-2 : बुजुर्ग को गन पॉइंट पर बंधक बनाकर लाखों की लूट दूसरी घटना 2 अप्रैल 2025 की है। चोरहटा थाना क्षेत्र के गोड़हर मोहल्ले में तीन बदमाशों ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी रमाशंकर सिंह तिवारी के घर डकैती की। बदमाश खुद को उनके बेटे राहुल का दोस्त बताकर घर में दाखिल हुए। बुजुर्ग ने जैसे ही दरवाजा खोला, एक बदमाश ने पिस्तौल तान दी। डकैतों ने रमाशंकर तिवारी को शाम 7:30 बजे से रात 10:30 बजे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान मोबाइल की सिम निकाल दी गई और करीब 20 तोला सोना तथा लगभग 2 लाख रुपए नकद लूट लिए गए। डर के मारे बुजुर्ग को दवा भी दी गई। इस घटना में घर में मौजूद एक नाबालिग बच्चा प्रमुख गवाह बना, लेकिन 6 माह से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। लगातार डकैती, सवालों में सुरक्षा व्यवस्था रीवा में गन पॉइंट पर डकैती की इन दो बड़ी घटनाओं का अब तक खुलासा न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे आज भी डर के साए में जी रहे हैं, जबकि बदमाश खुलेआम घूम रहे हैं। जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच इन मामलों का जल्द खुलासा न होना आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रहा है। उधर पुलिस ने अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर कोई आधिकारिक बयान और सफाई नहीं दी है।

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