रीवा की शासकीय प्राथमिक पाठशाला भिटौहा और आंगनवाड़ी केंद्र में मिड-डे मील में गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां बच्चों के लिए कीड़े लगे घुने गेहूं और सड़े-कीड़े युक्त आटे से पूड़ियां बनाने की तैयारी चल रही थी। ग्रामीणों की शिकायत पर संचार निर्माण समिति जवा के अध्यक्ष और जनपद पंचायत सदस्य प्रवल पाण्डेय ने सरपंच राजकुमार सोनी की मौजूदगी में औचक निरीक्षण किया। खराब खाद्य सामग्री मिलने पर पंचनामा बनाकर राशन को सील कर दिया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को भी इसी सड़े हुए खाद्यान्न से बच्चों के लिए पूड़ियां तैयार की गई थीं। मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने आज मंगलवार को और कल दोनों दिन जमकर विरोध किया। पंचायत को शिकायत सौंपी गई और लिखित आवेदन पर ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी कराए गए। जांच में खाद्य सामग्री की हालत देखकर निरीक्षण करने पहुंचे जनप्रतिनिधि भी नाराज हो गए। शौचालय में रखा राशन सील, समूह पर कार्रवाई निरीक्षण के दौरान सरपंच, सचिव और विद्यालय के प्रधानाध्यापक की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया। इसके बाद शौचालय में रखी गई खाद्यान्न सामग्री को सील कर दिया गया। वहीं, मिड-डे मील का संचालन कर रहे ‘शंकर स्व-सहायता समूह भिटौहा’ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ‘बच्चों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’ प्रवल पाण्डेय ने समूह की अध्यक्ष शांति देवी और सचिव निर्मला कुशवाहा को सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़ा और कीड़े युक्त आटा नौनिहालों के लिए गंभीर खतरा है।” उन्होंने कहा, “समय रहते जानकारी मिली, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई।” समूह को हटाने की मांग पाण्डेय ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जांच कराकर शंकर स्व-सहायता समूह को मिड-डे मील योजना से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि भोजन के नाम पर हो रहे कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। फिलहाल मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है और अभिभावक बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित हैं।


