रीवा में मच्छरदानी लेकर तेंदुआ पकड़ने निकले पूर्व विधायक:बोले- लोग डरकर जी रहे, मुझसे देखा नहीं गया; वन विभाग को फेल बताया

रीवा के तराई अंचल यूपी-एमपी बॉर्डर पर तेंदुए ने 48 घंटे से दहशत फैला रखी है। उसे पकड़ने की लिए वन विभाग लगातार कोशिश कर रहा है, लेकिन अब तक कामयाबी हाथ नहीं लग पाई है। उधर तेंदुए को अब तक ना पकड़ पाने से नाराज भाजपा पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता हाथ में मच्छरदानी लेकर निकल पड़े। बताया गया कि जाल ना मिल पाने पर भी पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी का उत्साह कम नहीं हुआ और वे मच्छरदानी लेकर ग्रामीणों के साथ तेंदुए को खोजने निकल पड़े। उनका कहना है कि वन विभाग तेंदुए को पकड़ने में फेल हो चुका है। इसलिए अब हम सब खुद मोर्चा संभालेंगे। शुक्रवार को चार ग्रामीणों पर किया था हमला
बताया गया कि शुक्रवार को रोज की तरह यूपी से सटे जनेह थाना क्षेत्र के खदिलवाल गांव में ग्रामीण खेत में जा रहे थे। इसी दौरान खेत में छिपे बैठे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर चार ग्रामीणों को घायल कर दिया। उन्हें इलाज के लिए उत्तर प्रदेश के नजदीक शंकरगढ़ अस्पताल ले जाया गया। जहां रीवा के तराई अंचल में तेंदुए ने (शुक्रवार) दोपहर जमकर दहशत फैलाई। रोज की तरह ग्रामीण खेत में काम करने जा रहे थे। इसी दौरान खेत में छिपे बैठे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर चार ग्रामीणों को घायल कर दिया। घायलों को इलाज के लिए उत्तर प्रदेश के नजदीक शंकरगढ़ अस्पताल ले जाया गया। 48 घंटे से रेसक्यू ऑपरेशन चला रहा वन विभाग
वहीं अब हमले के बाद छिपे बैठे तेंदुए को खोजने पुलिस और वन विभाग 48 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है। थाना प्रभारी कन्हैया बघेल ने बताया कि तेंदुआ सरसों के एक खेत में घात लगाकर बैठा था। हमले में चार लोग घायल हुए हैं। सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। घायलों में रामसागर कोल (55), भैरव प्रसाद कोल (50), सूरज कोल (16), बृजलाल कोल (57) शामिल हैं। एडिशनल एसपी विवेक लाल ने बताया कि वन विभाग और पुलिस की टीम लगातार तेंदुए की तलाश कर रही है। घटनास्थल और आसपास के गांव में लोगों को सतर्क रहने की सूचना दे दी गई है। जबकि घायलों का इलाज चल रहा है। पूर्व विधायक बोले- मुझसे देखा नहीं गया
पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी ने कहा कि मेरा इन लोगों से बहुत पुराना नाता है। इसमें अधिकांश कोल आदिवासी समाज के लोग हैं। लेकिन जिस तरह से ये अपना जीवन डर में बिता रहे हैं। मुझसे देखा नहीं गया, जिस वजह से आज मैं खुद जाल लेकर तेंदुए को पकड़ने पहुंचा हूं। चार दिन पहले ग्रामीणों को तेंदुए ने घायल कर दिया था, घायलों की तस्वीर…

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