रीवा की सिविल लाइन पुलिस ने रविवार देर रात हत्या के प्रयास के मामले में फरार 2500 रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ओमकार रजक पिछले लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था। उसके खिलाफ न्यायालय से पहले ही एक स्थाई वारंट और एक गिरफ्तारी वारंट जारी था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे दीनदयाल धाम कॉलोनी के पास से घेराबंदी कर पकड़ा। यह मामला 14 अगस्त 2025 का है। ग्राम अमिलकी (थाना गोविंदगढ़) निवासी रामप्रसाद यादव ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बेटे सूरज यादव के साथ आरोपी लकी साकेत, लवी, ओमकार रजक और उनके साथियों ने जान से मारने की नीयत से मारपीट की थी। आरोपियों ने चाकू और लात-घूंसों से हमला किया था, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। दो आरोपी पहले ही हो चुके गिरफ्तार शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाने में बीएनएस (BNS) की धारा 296, 115(2), 109(1), 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी लकी उर्फ शिवम साकेत और मोनू कुशवाहा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि ओमकार और अन्य साथी घटना के बाद से फरार चल रहे थे। पुलिस को देख भागने लगा, घेराबंदी कर दबोचा 7 दिसंबर 2025 को पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी ओमकार रजक दीनदयाल धाम कॉलोनी के पास देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को अपनी ओर आता देख आरोपी भागने लगा, जिसे घेराबंदी कर दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम ओमकार रजक (25) पिता सुरेंद्र रजक निवासी दीनदयाल धाम कॉलोनी, पड़रा बताया। तीन मामलों में वांछित था आरोपी पूछताछ में आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ मारपीट के दो अन्य मामलों में पहले से ही एक स्थायी वारंट और एक गिरफ्तारी वारंट जारी था। तीनों मामलों में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस न्यायालय में पेश कर रही है। वहीं, मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।


