रूपनगर जैन स्थानक में पार्श्वनाथ कल्याणक महोत्सव:दिनेश मुनि ने दिए प्रवचन, 100 से अधिक श्रद्धालुओं ने किया एकासन

रूपनगर के जैन स्थानक में 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का 2901वां जन्म कल्याणक और 2871वां दीक्षा कल्याणक महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर एक धार्मिक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सलाहकार दिनेश मुनि ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। दिनेश मुनि ने अपने प्रवचनों में धर्म और अहिंसा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तीर्थंकर पार्श्वनाथ ने लगभग 70 वर्षों तक पूरे भारत में अहिंसा का प्रचार किया और प्राणी मात्र को जागृत किया। मुनि श्री ने भगवान पार्श्वनाथ के चार प्रमुख सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य, अस्तेय और अपरिग्रह—पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ये सिद्धांत आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं और भगवान पार्श्वनाथ ने समाज में फैली कुरीतियों तथा अंधविश्वासों के खिलाफ आवाज उठाई थी। समारोह की शुरुआत चमत्कारी मंत्र “उवसग्गहरं स्तोत्र” के सामूहिक जाप से हुई। इस अवसर पर 100 से अधिक श्रद्धालुओं ने एकासन व्रत किया। जीव-दया के तहत बेज़ुबान पशुओं के लिए चारा और गुड़ की भी व्यवस्था की गई। सभा को डॉ. दीपेंद्र मुनि और डॉ. पुष्पेंद्र मुनि ने भी संबोधित किया। इस आयोजन को सफल बनाने में महिला संघ और तरुणी मंडल का विशेष सहयोग रहा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *