सरकारी नौकरी और भारतीय वायुसेना में भर्ती के सपने को पूरा करने के लिए रोजाना फिजिकल की तैयारी कर रही युवती की मंगलवार सुबह दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। जयपुर-दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे पर शांति बाग हनुमान मंदिर के पास तेज रफ्तार थार गाड़ी ने रनिंग कर रही युवती को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार मृतका अनाया शर्मा (18) झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौडज़ी की रहने वाली थी और फिलहाल जयपुर के झोटवाड़ा में पीजी में रहकर एयरफोर्स की तैयारी कर रही थी। अनाया ने हाल ही में भारतीय वायुसेना की लिखित परीक्षा पास की थी और अब फिजिकल टेस्ट की तैयारी में जुटी हुई थी। मंगलवार सुबह अनाया अपनी सहेली के साथ शांति बाग हनुमान मंदिर के सामने एक्सप्रेस-वे पर रनिंग कर रही थी। दौड़ के दौरान उसकी सहेली पीछे रह गई, अनाया किनारे रुककर इंतजार करने लगी। इसी दौरान अजमेर रोड की ओर से तेज गति से आ रही काली थार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। भागते समय दूसरे वाहन को मारी टक्कर
टक्कर के बाद लोगों ने तुरंत उसे कांवटिया अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद थार चालक कुछ दूरी तक गाड़ी दौड़ाता ले गया और फिर दादी का फाटक के पास वाहन छोड़कर फरार हो गया। बाद में थार ने एक अन्य वाहन को भी टक्कर मारी। करधनी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार चालक की तलाश की जा रही है। भास्कर इनसाइट- ओवरस्पीड का नशा; 4 बार चालान फिर भी रफ्तार नहीं रुकी, अब युवती की जान ले ली युवती को टक्कर मारने वाली थार के ढाई साल में 4 चालान हुए हैं। ये सभी ओवरस्पीड के हैं। इनमें पहला जयपुर में अक्टूबर 2023, दूसरा मई 2024 में अजमेर के नसीराबाद में, तीसरा जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने 14 अक्टूबर 2024 में किया था। वहीं चौथा चालान जोधपुर-जैसलमेर हाईवे पर एक जनवरी 2025 को किया गया था। इनमें 2025 का चालाना पेंडिंग है। यह थार चालक मौजमाबाद निवासी जितेंद्र चौधरी है। ओवरकॉन्फिडेंट ड्राइवर के गलत इस्तेमाल से खतरा परिवहन और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ शंकरलाल सैनी के अनुसार थार जैसी पावरफुल एसयूवी खतरनाक नहीं होती, लेकिन गलत इस्तेमाल उसे जोखिमभरा बना देता है। उनका कहना है कि थार का इंजन ताकतवर है, हल्का सा एक्सीलरेटर दबाते ही यह तेज रफ्तार पकड़ लेती है। अनुभवहीन या ओवरकॉन्फिडेंट ड्राइवर स्पीड कंट्रोल नहीं कर पाते, इससे हादसे हो जाते हैं। थार का ग्राउंड क्लीयरेंस ज्यादा और सेंटर ऑफ ग्रैविटी ऊंचा होता है। तेज मोड़, अचानक ब्रेक या ओवरटेक में संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे पलटने का खतरा बढ़ जाता है।


