रेणुका के ‘सरकार में रावण’ बयान पर भूपेश का पलटवार:बोले-भाजपा राज में गांवों में विकास शून्य,नक्सलवाद पर कहा-तारीख तय करने से कुछ नहीं होगा

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद और राजनीतिक बयानों को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह के ‘राज्य सरकार में रावण’ वाले बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार किया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर नक्सलवाद के मुद्दे पर भी निशाना साधते हुए गांवों में विकास शून्य होने का आरोप लगाया। हाल ही में, भाजपा नेता रेणुका सिंह ने कहा था कि “राज्य सरकार में भी रावण बैठा है।” इस पर चुटकी लेते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि रेणुका सिंह को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर सरकार में रावण कौन है। उन्होंने जोर दिया कि जनता को यह जानने का अधिकार है। बघेल ने नक्सलवाद पर भाजपा सरकार के दावों पर उठाए सवाल बघेल ने नक्सलवाद पर भाजपा सरकार के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बार-बार बस्तर का दौरा कर रहे हैं, लेकिन उनकी नजर केवल छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और खदानों पर है। बघेल के अनुसार, “यहां के संसाधन उद्योगपति मित्रों, खासकर अदानी समूह को देने की तैयारी चल रही है।” शाह के दौरों को भूपेश ने बताया ‘इवेंट मैनेजमेंट’ भाजपा अध्यक्ष के उस बयान पर भी उन्होंने टिप्पणी की जिसमें शाह के दौरों को ‘इवेंट मैनेजमेंट’ बताया गया था। बघेल ने कहा कि सच्चाई यही है कि जब-जब अमित शाह आते हैं, तब-तक कुछ कार्यक्रम दिखावे के लिए होते हैं, उसके बाद जमीनी स्तर पर कुछ नहीं बदलता। भाजपा सरकार ने 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने का दावा किया है। इस दावे पर बघेल ने कहा, “तारीखें तय करना भाजपा का काम है, लेकिन हम भी चाहते हैं कि प्रदेश नक्सल मुक्त हो।” उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने 600 से अधिक गांवों को खाली कराया और साथ-साथ विकास कार्य भी किए। बघेल ने वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि लोग मारे जा रहे हैं, लेकिन गांवों में विकास शून्य है। जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए कार्यकर्ताओं से रायशुमारी शुरू इस बीच, दुर्ग में कांग्रेस संगठन की ओर से जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर कार्यकर्ताओं से रायशुमारी की प्रक्रिया शुरू हुई है। पर्यवेक्षक अजय कुमार लल्लू राजीव भवन पहुंचे और ब्लॉक स्तर से आए कार्यकर्ताओं की बात सुनी। भूपेश बघेल ने बताया कि यह पहली बार है जब कांग्रेस संगठन में ऐसा प्रयोग हो रहा है, जहां नेताओं की नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर जिलाध्यक्षों की नियुक्ति होगी। इसके लिए अनिला भोड़िया, यूडी मिंज और विक्रम मांडवी भी अलग-अलग ब्लॉकों में जाकर चर्चा करेंगे और बाद में अपनी अनुशंसा भेजेंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *