सीहोर में सोमवार को ट्रांसपोर्टर, ड्राइवर, क्लीनर और मजदूरों ने कलेक्ट्रेट में धरना देकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर वंदना राजपूत को सौंपा। सेण्ड ट्रक आनर्स एसोशिएशन और सर्व चालक कल्याण संघ के अनुसार, खनन विभाग, राजस्व विभाग और प्रशासन की कार्रवाई से जिले में रेत खनन और परिवहन कार्य लगभग रुक गया है। रॉयल्टी भुगतान के बावजूद वाहनों की जब्ती की जा रही है। लगभग एक हजार वाहनों से जुड़े 2 हजार से अधिक ड्राइवर और हेल्पर बेरोजगार हो गए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई से ट्रांसपोर्टर आर्थिक संकट में
स्थानीय मजदूरों का कहना है कि वे कई पीढ़ियों से नर्मदा नदी से नियमानुसार रेत निकालकर जीविका चला रहे थे। खनिज विभाग के नए अधिकारियों के आने के बाद से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। बढ़ते डीजल, टायर और मेंटेनेंस खर्च के साथ-साथ प्रशासनिक कार्रवाई से ट्रांसपोर्टर आर्थिक संकट में हैं। सप्लायर्स रेत की कमी से जूझ रहे
इस स्थिति का असर सरकारी और निजी निर्माण कार्यों पर भी पड़ रहा है। बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर्स रेत की कमी से जूझ रहे हैं। ड्राइवरों का कहना है कि पिछले 15 वर्षों से वे इसी काम से अपने परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा का खर्च उठा रहे थे, लेकिन अब उनकी रोजी-रोटी छिन गई है।


