रेप केस में फंसे बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंडरग्राउंड:मोबाइल भी स्विच ऑफ; आदमपुर थाने में नहीं आए, हरियाणा पुलिस तलाश में जोधपुर पहुंची

हिसार की युवती के रेप केस में फंसे अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया अंडरग्राउंड हो गए हैं। उनके मोबाइल भी स्विच ऑफ हैं। 25 जनवरी को केस दर्ज होने के 4 दिन बाद 29 जनवरी से वह सोशल मीडिया पर भी एक्टिव नहीं हैं। वहीं हिसार पुलिस ने रेप केस में बूड़िया को आदमपुर थाने में पेश होने का नोटिस भेजा था लेकिन वह न तो थाने आए और न ही उनकी तरफ से कोई जवाब मिला। इसके बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की कोशिश शुरू कर दी है। इसके लिए आदमपुर पुलिस की एक टीम राजस्थान के जोधपुर रवाना हो गई है। यह टीम बूड़िया के मोबाइल की लोकेशन को ट्रैक करते हुए जोधपुर गई थी लेकिन बूड़िया वहां नहीं मिले। वहीं बूड़िया समर्थकों के मुताबिक वह गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। वहीं बूड़िया की गिरफ्तारी पर हिसार एसपी शशांक कुमार सावन का कहना है कि केस की जांच चल रही है, इसलिए कुछ बताना ठीक नहीं है। इससे जांच प्रभावित होगी। बूड़िया रेप केस को लेकर अब तक क्या हुआ… 25 जनवरी को FIR, इसमें पीड़िता के 3 बड़े आरोप 1. पिता ने मिलवाया, कोर्स के बहाने चंडीगढ़ बुला होटल में रेप किया
2023 में मेरे पिता मुझे अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया के पास आदमपुर ले गए। वहां उनसे विदेश भेजने के लिए मदद मांगी। बूड़िया ने कहा कि वह मुझे ऑस्ट्रेलिया भिजवा देगा, लेकिन उसके लिए चंडीगढ़ में एक कोर्स करवाएगा। उसके बाद देवेंद्र मुझे आदमपुर से बहला-फुसलाकर चंडीगढ़ के होटल हयात में ले गया, जहां फरवरी 2024 में मेरे साथ रेप किया। उसने मेरा वीडियो भी बना लिया। बूड़िया ने धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो वेश्यावृत्ति के केस में जेल में भी डलवा देगा। 2. वॉट्सऐप चैटिंग की, कोर्स के बहाने जयपुर बुला फ्लैट में रेप किया
बूड़िया ने मेरा एडमिशन चंडीगढ़ सेक्टर-34 स्थित एक एकेडमी में करवा दिया। फिर मैं कोर्स करने लगी, लेकिन मेरे आईलेट्स में 5 ही बैंड आए। जबकि, ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए 6 बैंड की जरूरत थी। इसके बाद मैं आदमपुर आ गई। इस दौरान देवेंद्र बूड़िया मेरे साथ वॉट्सऐप पर चैटिंग करने लगा। फिर उसने मेरे पिता से कहा कि मुझे जयपुर भेज दें। वहां उसके (देवेंद्र बूड़िया) रिश्तेदार का इंस्टीट्यूट है। वहां मुझे कोर्स करवा देगा। जून 2024 में देवेंद्र ने मुझे आदमपुर से जयपुर बुलवा लिया। अगस्त 2024 में एक दिन बूड़िया का PA गौरव मेरे पास आया। मैंने गौरव से कहा कि मुझे बूड़िया से बात करनी है, आप बात करवा दो। वह मुझे बूड़िया के सिविल लाइन जयपुर स्थित फ्लैट में ले गया। वहां देवेंद्र अकेला था। वहां भी देवेंद्र ने मेरे साथ रेप किया। 3. बूड़िया ने कहा- सलमान से दोस्ती, स्टार बना दूंगा, बिग बॉस में भेज दूंगा
बूड़िया मुझे कहता था कि उसकी सलमान खान से अच्छी जान-पहचान है। मैं उससे दुबई में मिलता हूं। तुझे भी मिला दूंगा। तुझे स्टार बना दूंगा। इसने वेद प्रकाश नाम के इंसान के साथ जो दुबई में रहता है, उसके बारे में भी बताया कि मैं तुझे दुबई भेज दूंगा वहां पर वेद प्रकाश नाम का आदमी है। मेरा दोस्त तेरी लाइफ सेट कर देगा। फुल नशे की हालत में इसने फिर मेरा रेप किया। मेरे पास सुसाइड या परिवार को बताने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। मुझे डिप्रेशन में देख मां ने पूछा तो मैंने सारी बात बता दी। बूड़िया ने रेप केस को कुलदीप बिश्नोई की साजिश बता 3 अहम बातें कहीं 1. कुलदीप को संरक्षक पद से हटाया तो साजिश रची गई
FIR के बाद बूड़िया ने कहा कि यह केस कुलदीप बिश्नोई ने साजिश के तहत कराया है। जब से कुलदीप को महासभा के संरक्षक पद से हटाया, तभी से मुझे तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर परेशान किया जा रहा है। समाज में अच्छा कार्य व महासभा के बढ़ते वर्चस्व को देखते हुए पहले मेरे साथ दुर्व्यवहार कराया गया था। 2. सभी साजिश फेल हुई तो महिला के केस में फंसाया
जब उनकी सभी साजिश फेल हुईं तो राजनीतिक रसूख से साजिश के तहत महिला से आदमपुर थाने में रेप केस दर्ज करा दिया। इसको लेकर मुझे पहले भी बहुत बार धमकियां दी गईं थी। मैंने 13 नवंबर 2024 को मुकाम में हुए कार्यक्रम में समाज को बताया भी था कि मुझे ब्लैकमेल किया जा रहा है और आखिरकार उन्होंने अपना आखिरी हथियार भी अपना लिया। 3. रेप की FIR सिर्फ फरियादी को मिलती है, ग्रुपों में भेजी गई
बूड़िया ने कहा कि जो न्यायपालिका का ज्ञान रखते हैं उनको पता भी होगा कि रेप केस की FIR कॉपी फरियादी के अलावा किसी को मिल नहीं सकती। ऑनलाइन एक्सेस भी नहीं कर सकते। फिर भी एक बड़े षड्यंत्रपूर्वक समाज व मेरी साख गिराने के नाते PDF बनाकर सभी समाज के ग्रुपों में भेजी गई। बूड़िया पर रेप केस को लेकर समर्थकों ने पूछे थे 5 सवाल 1. तारीख और टाइम नहीं: बूड़िया समर्थकों का कहना है कि पीड़िता से रेप किस तारीख को हुआ? किस टाइम हुआ? इसका FIR में स्पष्ट जिक्र नहीं किया गया है। 2. घटनास्थल जयपुर और चंडीगढ़: अगर युवती से रेप जयपुर और चंडीगढ़ में हुआ है, तो FIR आदमपुर में क्यों दर्ज की गई? कानूनन तो क्राइम की जगह जिस थाने के अधीन आती है, वहीं केस दर्ज होता है। ऐसे में यह केस जयपुर या चंडीगढ़ के थाने में दर्ज होना चाहिए था। 3. जीरो FIR दर्ज हुई तो ट्रांसफर क्यों नहीं: अगर यह जीरो FIR दर्ज की गई है तो फिर पुलिस ने इस FIR को आगे की कार्रवाई के लिए जयपुर या चंडीगढ़ क्यों ट्रांसफर नहीं किया? जहां इस क्राइम स्पॉट है। 4. बयान दर्ज करने की प्रक्रिया गलत: आरोपियों या गवाहों के बयान आदमपुर में दर्ज करने की कोशिश क्यों की गई? जबकि मामला चंडीगढ़ और राजस्थान से संबंधित है। 5. जांच अधिकारी की नियुक्ति: जांच अधिकारी आदमपुर पुलिस स्टेशन से क्यों नियुक्त किए गए? जबकि यह मामला आदमपुर की सीमा से बाहर का है। कुलदीप बिश्नोई और देवेंद्र बूड़िया के बीच चल रहा विवाद
दरअसल, अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के पूर्व में संरक्षक रहे कुलदीप बिश्नोई और मौजूदा प्रधान देवेंद्र बूड़िया के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। कुलदीप बिश्नोई पर करीब 3 महीने पहले प्रधान ने जबरन इस्तीफा लेने के आरोप लगाए थे। इसको लेकर मुकाम धाम में बैठक की गई थी। इसमें कुलदीप बिश्नोई को संरक्षक पद से हटा दिया गया था। उनसे बिश्नोई रत्न अवॉर्ड वापस ले लिया। इसके करीब एक महीने बाद कुलदीप बिश्नोई के समर्थन में बिश्नोई महासभा के 14 पदाधिकारियों ने रजिस्ट्रार सोसाइटी को एफिडेविट लिखकर कहा था कि मुकाम में बैठक में उनको शामिल नहीं किया। ऐसे में प्रधान ने संरक्षक को हटाया है, वह नियमानुसार नहीं है। इसके बाद रजिस्ट्रर सोसाइटी की ओर से देवेंद्र बूड़िया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। इसके बाद कुलदीप बिश्नोई ने खुद संरक्षक पद छोड़ने की घोषणा कर दी और चुनाव करवाने का ऐलान करते हुए कमेटी का गठन किया था।

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