अजमेर पोक्सो प्रकरण की विशिष्ट न्यायालय संख्या दो के न्यायाधीश ने नाबालिग को अगवा कर उससे दुष्कर्म कर गर्भवती करने के आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल का कठोर कारावास एवं 36 हजार रुपए जुर्माना की सजा दी है। प्रकरण के अनुसार एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके मकान के पास एक बेलदार रहता था। जो उसकी 15 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। उसने बेटी के साथ दुष्कर्म किया। जिससे वह गर्भवती हो गई। विशिष्ट लोक अभियोजक संजय तिवारी ने आरोपी द्वारा अपराध करना प्रमाणित करने के लिए 16 गवाह और 19 दस्तावेजी साक्ष्य पेश कर आरोपी को सख्त से सख्त सजा देने का आग्रह किया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर एवं पत्रावली, गवाहों के बयान व दस्तावेजी साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी को दोषी मानते हुए बीस साल का कठोर कारावास एवं 36 हजार रुपए जुर्माना की सजा दी है। जुर्माना राशि नहीं देने पर आरोपी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।


