IPL चैंपियन RCB के तेज गेंदबाज यश दयाल को रेप के मामले में फिलहाल हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली हैं। जस्टिस प्रवीर भटनागर की अदालत में आज क्रिकेटर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद मामले के जांच अधिकारी को 19 जनवरी को कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए। बता दें कि पोक्सो कोर्ट 22 दिसंबर 2025 को आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज कर चुकी हैं।
यश दयाल के वकील चंद्रशेखर शर्मा ने बहस करते हुए कहा कि पीड़िता ने केवल क्रिकेटर को ब्लैकमेल करने की नीयत से मामला दर्ज कराया हैं। वकील ने तर्क दिया- पीड़िता से हमेशा सार्वजनिक जगह पर मुलाकात की
वकील ने कोर्ट को बताया कि यश दयाल ने पीड़िता से हमेशा सार्वजनिक जगह और टीम के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में मुलाकात की हैं। वे एकांत जगह पर कहीं भी अकेले नहीं मिले। मुलाकात के दौरान पीड़िता ने कभी नहीं बताया कि उसकी उम्र 18 साल से कम हैं। एफआईआर में भी उसने यह नहीं कहा कि रेप की घटना के समय उसकी उम्र कम थी। यदि पीड़िता के साथ कानपुर में रेप हुआ तो वह प्रार्थी के साथ उसके बाद भी अलग-अलग शहरों में क्यों गई। इसके बारे में पीड़िता ने कुछ भी स्पष्ट नहीं किया। वहीं उत्तरप्रदेश में दर्ज रेप के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के 8 दिन बाद ही पीड़िता ने जयपुर में मामला दर्ज करवा दिया।
पीड़िता के वकील का तर्क-दोनों के होटल में ठहरने का रिकॉर्ड पीड़िता के वकील दिवेश शर्मा ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने पीड़िता और आरोपी के मोबाइल की सीडीआर बरामद की, जिसमें दोनों के बीच बातचीत होने की पुष्टि होती हैं। इसके साथ ही पीड़िता की ओर से बताए गए होटलों में दोनों के ठहरने का रिकॉर्ड भी हैं। पीड़िता के मोबाइल से मिली चैट, फोटोज और वीडियो के विश्लेषण से आरोपी के खिलाफ पॉक्सो के तहत मामला बनता हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि आरोपी ने 3-4 मई को जयपुर में आईपीएल खेलने के दौरान पीड़िता को रेलवे स्टेशन के पास होटल में मिलने बुलाया था और संबंध बनाए थे। पीड़िता के मना करने पर उसने उसके पापा के केस को लेकर उसकी आर्थिक और भावनात्मक मदद करने, कानपुर में क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन कराने का झांसा देकर 2-3 सितम्बर 2023 को कानपुर बुलाकर उसके साथ होटल में जबरन रेप किया।


