रेलवे से जुड़ी जैक्सन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के 19 डायरेक्टर पदों का चुनाव इस बार अपने अनोखे नियमों के कारण पूरे रेलवे तंत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पश्चिम, उत्तर पश्चिम और पश्चिम मध्य रेलवे के मुंबई, वडोदरा, अहमदाबाद, रतलाम, जयपुर, अजमेर, कोटा, भावनगर और राजकोट मंडलों के साथ परेल, अजमेर, प्रतापनगर, दाहोद, कोटा और भावनगर कारखानों तथा चर्चगेट व जयपुर मुख्यालय के कुल 91 हजार अंशधारक 22 दिसंबर को वोट करेंगे। इनमें से जयपुर, कोटा और अजमेर के करीब 24 हजार अंशधारक शामिल हैं। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए सहकारिता मंत्रालय ने कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, मुंबई (शहर) को रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया है। जयपुर में पहली बार बड़ी जुगलबंदी यूनियन और एससी-एसटी एसो. साथ रेल मामलों के जानकार गिरीश चतुर्वेदी बताते हैं कि जयपुर निर्वाचन क्षेत्र में 2 डायरेक्टर पदों के लिए 1 से 5 दिसंबर तक नामांकन होंगे और 8100 अंशधारक वोट डालेंगे। पहली बार नॉर्दर्न वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन और एससी-एसटी रेलवे एम्प्लॉइज एसोसिएशन एकजुट होकर मैदान में उतरे हैं। सुरेंद्र सिंह बधाला (नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट), सुभाष चंद मीना (एमसीएम, विद्युत विभाग), को संयुक्त उम्मीदवार घोषित किया है। 2 महिला, 1 एससी/एसटी के लिए आरक्षित, सीट कौनसी होगी बाद में तय होगा नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन के महामंत्री मुकेश माथुर बताते हैं कि 19 पदों में से 2 महिला और 1 एससी/एसटी सीट तो आरक्षित हैं, लेकिन यह तय नहीं है कि ये सीटें किस निर्वाचन क्षेत्र से होंगी। सभी आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को सभी क्षेत्रों के अंशधारकों से वोट मिलेंगे और जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलेंगे, वही जिस क्षेत्र का होगा- उसी क्षेत्र की सीट रिजर्व मान ली जाएगी। यानी सीट का आरक्षित या सामान्य होना वोटिंग के बाद तय होगा, जो किसी भी चुनाव में शायद पहली बार हो रहा है।


