अंबिकापुर से बैकुंठपुर के बीच रेल लाइन दोहरीकरण के कार्य में लगे दो मजदूर शुक्रवार को मिट्टी के ढेर में दब गए। यह घटना सावांरावा पुल के पास हुई। निर्माण कार्य में लगे अन्य मजदूरों ने दोनों को बाहर निकाला, तब तक एक मजदूर की मौत हो गई और दूसरे को गंभीर हालत में सूरजपुर के निजी हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया है। घटना कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर से बैकुंठपुर के बीच रेल लाइन के दोहरीकरण का काम सूरजपुर के एक ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है। शुक्रवार को गोबरी नदी के पुल के पास मिट्टी भराई का काम चल रहा था। इस दौरान लापरवाही के कारण दो मजदूर मिट्टी के ढेर में दब गए। उन्हें अन्य मजदूरों ने मिट्टी में दबते देख शोर मचाया, लेकिन तब तक दोनों पूरी तरह मिट्टी के नीचे दब गए। एक मजदूर ने तोड़ा दम, दूसरे का इलाज जारी
मौके पर कार्य में मौजूद अन्य मजदूरों ने दबे दोनों मजदूरों को बाहर निकालने के लिए तत्काल कार्य में लगे जेसीबी की मदद से मिट्टी हटवाई। फावड़े से भी मिट्टी हटाई गई। एक मजदूर का सिर कुछ देर में दिख गया, उसे किसी तरह बाहर निकाला गया और तत्काल उपचार के लिए सूरजपुर भेज दिया गया। दूसरा मजदूर करीब आधे घंटे से अधिक समय तक मिट्टी के ढेर के नीचे दबा रहा, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान ग्राम भवराही निवासी दीना सिंह के रूप में हुई है। घायल मजदूर भी भवराही का बताया गया है। मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। लापरवाही का आरोप, हादसे के बाद बंद हुआ कार्य
मजदूरों के दबने के मामले में ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों ने कहा कि सुरक्षा उपाय के बिना ही कार्य कराया जा रहा था, जिसके कारण हादसा हुआ। हादसे के बाद ठेकेदार द्वारा कार्य बंद करा दिया गया है। पटना थाने के एएसआई शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मर्ग डायरी मिलने के बाद मामले की जांच की जााएगी।


