छतरपुर में सटई रोड स्थित पीतांबरा कॉलोनी के निवासियों ने मंगलवार को रेलवे द्वारा रास्ता बंद किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। रेलवे विभाग ने अपनी लाइन के पास खंभे गाड़ने का काम शुरू किया, जिससे कॉलोनी के लगभग 300 परिवारों का आवागमन बाधित हो गया। नाराज लोगों ने सटई रोड पर जाम लगा दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात ठप हो गया। सूचना मिलने पर तहसीलदार पीयूष दीक्षित और सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया और स्थिति को शांत किया। कॉलोनी निवासियों ने बताया कि उन्होंने अपने प्लॉट खरीदते समय जमीन मालिक द्वारा दिखाए गए रास्ते के आधार पर ही खरीदारी की थी। वह रास्ता पहले एक निजी भूमि से होकर गुजरता था, जो अब बंद कर दिया गया है। इसके बाद लोग रेलवे विभाग की जमीन से होकर आवागमन कर रहे थे, लेकिन अब रेलवे ने भी उस हिस्से में खंभे गाड़कर रास्ता बंद करना शुरू कर दिया है, जिससे उनका आवागमन पूरी तरह रुक गया है। वार्ड क्रमांक 19 के पार्षद शिव सिंह यादव ने जानकारी दी कि इस कॉलोनी की प्लाटिंग पुष्पेंद्र मिश्रा और भाजपा नेता गिरिजा पाठक द्वारा की गई थी। निवासियों का कहना है कि यदि रास्ते की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो वे संबंधितों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने के लिए मजबूर होंगे। छतरपुर तहसीलदार पीयूष दीक्षित ने बताया कि फिलहाल रेलवे विभाग से कहा है कि जब तक कॉलोनीवासियों के लिए स्थायी रास्ते की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उन्हें वर्तमान रास्ते से निकलने दिया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लगभग 20 साल पहले खरीदे गए इन प्लॉटों की कॉलोनी अवैध है और लोग रेलवे की जमीन से निकल रहे थे। दीक्षित ने आगे कहा कि रेलवे कर्मचारियों को कुछ दिनों के लिए खंभे गाड़ने का काम रोकने को कहा गया है। जल्द ही सीमांकन कराकर कॉलोनी के लोगों को रास्ता उपलब्ध कराया जाएगा और अवैध कॉलोनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


