रेवाड़ी साइबर पुलिस राजस्थान के दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ऑनलाइन टॉस्क के नाम पर एक कंपनी के कर्मचारी से 1.25 लाख की ठगी की थी। आरोपियों की पहचान राजस्थान के जयपुर के सुशांत सिटी निवासी प्रशांत व जिला अजमेर के गांव दोराई निवासी सागर सोनी के रूप में हुई है। इस मामले में एक आरोपी की पहले गिरफ्तारी हो चुकी है। टेलीग्राम ग्रुप से जोड़कर ठगी अलीगढ़ (यूपी) के गांव गिदौरा निवासी दीपक शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह धारूहेड़ा की कंपनी में काम करता है। 19 अप्रैल को उसे एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा। जिस ऑनलाइन टॉस्क से मोटा पैसा कमाने का मैसेज मिला। उससे अलग अलग ट्रॉजैक्शन से 1 लाख 24 हजार 600 ट्रांसफर करवा लिए। भरत के खाते में 49 हजार 500 और प्रशांत के खाते में 13 हजार 500 रुपए ट्रांसफर हुए। साइबर पुलिस ने इस मामले में एक आरापी राजस्थान उदयपर के गांव आसौलियां की मादड़ी निवासी भरत को पहले गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। 9.46 करोड़ की हुई थी ठगी इसके अलावा, साइबर पुलिस ने रिटायर्ड HCS अधिकारी जेके आंभारी से 9.46 करोड़ की ठगी में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान मूल रूप से कोलकाता के दक्षिणी चौबीस प्रगना बौरेल हाल आबाद दिल्ली के कालकाजी के अरावली अपार्टमेंट निवासी अनिर्बंन भट्टाचार्य के रूप में हुई हैं। पुलिस इस मामले में 9 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी हैं। HCS अधिकारी को स्टॉक मार्केट में विनेश के नाम पर 9.46 करोड़ की ठगी हुई थी। इनके पहले हो चुकी गिरफ्तारी गुरूग्राम के नरहेड़ा निवासी अजय ओमपाल, बिहार के जिला पटना के वैस्टेर रामकृष्णत नगर निवासी पृथ्वी राज चौहान, बिहार के जिला पटना के विकर सैक्सजन कॉलोनी कंकडबाग निवासी तरूणचन्द्रम झां, कोलकाता के गोबरा गोरस्थान रोड निवासी शुभम माली, कर्नाटक के मैसूर के क्रॉस रोड गोसिया नगर निवासी मोहम्मद आफताब, मैसूर के क्रॉस रोड मंडी मोहल्ला हाल आबाद शांति नगर मैसूर निवासी मोहम्मद अबूबकर सिद्दकी, बिहार के जिला सिवान के गांव नरहिया निवासी संजीव कुशवाह, गांव बडगांव गुघा टोला निवासी संदीप कुमार व रवि कुमार पहले गिरफ्तार हो चुके हैं।


