बीआरटीएस की रैलिंग हटाने का ठेका लेने वाले कॉन्ट्रेक्टर ने काम जारी रखने से साफ इनकार कर दिया है। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने सोमवार देर रात ठेकेदार दिनेश यादव से चर्चा की। लेकिन यादव ने मजबूरी का हवाला देते हुए कहा कि वह बीआरटीएस कॉरिडोर नहीं तोड़ सकता। यादव ने कहा कि अब तक निकाली गई रैलिंग को बेचकर जो रकम मिली है, वह नगर निगम में जमा करवा देंगे। हाई कोर्ट ने रैलिंग नहीं तोड़ने पर ठेकेदार को फटकार लगाई थी। निगमायुक्त को निर्देश दिए थे कि वे सीधे ठेकेदार से बात करें। साथ ही मुख्य सचिव को लोक निर्माण और नगरीय विकास विभाग से चर्चा करने के लिए कहा था ताकि एलिवेटेड कॉरिडोर पर स्थिति स्पष्ट हो। फरवरी 2025 से बीआरटीएस हटाने की प्रक्रिया चल रही है। अब तक सिर्फ एक तरफ की रैलिंग आंशिक रूप से हटाई जा सकी है। काम अब भी अधूरा है। मामले में अगली सुनवाई 28 जनवरी को है। निगम कोर्ट में अपना जवाब पेश करेगा। बताया जा रहा है कि यदि ठेकेदार काम नहीं करता है तो पांचवीं बार नया टेंड बुलवाने की अनुमति मांगी जा सकती है। काम नहीं करने के ये कारण बताए ठेकेदार ने


