कटनी जिले के बड़वारा मुख्यालय में भारी और ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही से स्थानीय लोग परेशान हैं। जिला प्रशासन की रोक के बावजूद ये वाहन भीड़भाड़ वाले रास्तों से निकल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बड़वारा नगर के भीतर भारी वाहनों का आना मना है, फिर भी वे बेधड़क मुख्य सड़कों से गुजर रहे हैं। खासकर साप्ताहिक बाजार के दिन, जब सड़कों पर पैदल चलने वालों और ग्रामीणों की भारी भीड़ होती है, तब इन बड़े वाहनों का निकलना किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाजार के समय सड़कों पर पैर रखने की जगह नहीं होती, ऐसे में इन वाहनों को रोकना बहुत जरूरी है। पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल ग्रामीण राघवेंद्र सिंह और अन्य स्थानीय निवासियों ने पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस चौराहों पर गरीब मजदूरों और बाइक सवारों को रोककर नियम समझाती है और उन पर जुर्माना लगाती है। लेकिन जब बड़े व्यापारियों के ओवरलोड वाहन नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए निकलते हैं, तो उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। सख्त पाबंदी की मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि बड़वारा नगर के रिहायशी इलाकों में भारी और ओवरलोड वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद होना चाहिए। लोगों का कहना है कि ‘नो-एंट्री’ के समय वाहनों के आने-जाने पर कड़ी नजर रखी जाए। साथ ही नियम तोड़ने वाले प्रभावशाली वाहन मालिकों पर बिना किसी दबाव के कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि आम जनता की जान सुरक्षित रह सके। टीआई बोले- कार्रवाई करेंगे बड़वारा थाना प्रभारी के.के. पटेल ने बताया कि समय-समय पर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाती है। नो-एंट्री में प्रवेश करने वाले प्रतिबंधित वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी और नो-एंट्री तोड़ने वाले वाहनों पर जुर्माना लगाया जाएगा।


