एक दर्जन मोबाइल, लैपटॉप, प्रिंटर, दस्तावेज आयुर्वेदिक दवाएं जब्त रांची में रोजगार का सपना दिखाकर बेरोजगार युवक-युवतियों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। शनिवार को सीआईडी की टीम ने चुटिया के दो अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। 18 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें दो युवतियां भी हैं। गिरोह के पास से एक दर्जन मोबाइल, लैपटॉप, प्रिंटर, रबर स्टांप, फर्जी बिल, दस्तावेज और आयुर्वेदिक दवाएं जब्त की गई हैं। जानकारी के अनुसार, यह गिरोह ‘आर्यावर्त एसोसिएट’ नामक संस्था की आड़ में युवाओं को रोजगार का झांसा देकर ठगी कर रहा था। केतारी बागान घाट रोड स्थित पुष्पांजलि पैलेस के ऊपर और लोअर चुटिया स्थित लोटा फैक्ट्री के पास इसका संचालन हो रहा था। छापेमारी का नेतृत्व सीआईडी के एएसपी दीपक कुमार कर रहे थे। टीम में नामकुम थाना प्रभारी रंजीत कुमार, सीआईडी थाना प्रभारी नवल किशोर, एसआई शशि कुमार, एएसआई देवेंद्र सिंह और चुटिया थाना पुलिस शामिल रही। -शेष पेज 11 पर लुभावने विज्ञापन से फंसाते थे बेरोजगार युवक-युवतियों को सीआईडी की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह बेरोजगारों को रिझाने के लिए लुभावने विज्ञापन देता था। ग्रामीण इलाकों के युवाओं को स्किल ट्रेनिंग के बहाने रांची बुलाया जाता था। कहा जाता कि ट्रेनिंग पूरी होते ही नौकरी दी जाएगी। बदले में उनसे 25 से 30 हजार रुपए लिए जाते थे। उत्तर प्रदेश के एक युवक ने बताया कि ट्रेनिंग के बाद सभी युवकों को आयुर्वेदिक दवाओं की मार्केटिंग के लिए बाजार में भेजा जाता था। जो टारगेट पूरा नहीं कर पाते, उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता था। इस तरह से सैकड़ों बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए की ठगी की गई। गिरोह ट्रेनिंग सेंटर में ही रहने-खाने की व्यवस्था भी करता था, युवाओं को उनपर भरोसा हो जाए।


