रोजगार योजना पर मंत्री सिलावट बोले- अब 125 दिन रोजगार:कांग्रेस को राम नाम से नफरत, विकसित भारत बनकर रहेगा

बुरहानपुर में प्रदेश के जल संसाधन और जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने शुक्रवार सुबह राजस्थानी भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नई योजना ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण’ (वीबी-जी राम जी) के बारे में जानकारी दी। दरअसल हाल ही में सरकार ने मनरेगा योजना में कई बदलाव किए हैं, इसके साथ ही योजना का नाम भी बदल दिया गया है। दावा- 125 दिन का रोजगार मिलेगा मंत्री सिलावट ने बताया कि इस योजना के तहत अब ग्रामीणों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा, जो पहले 100 दिन था। इसके अलावा मजदूरों को भुगतान पहले 15 दिन में होता था, अब सिर्फ 7 दिन में भुगतान किया जाएगा। सिलावट ने कहा कि योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद वर्ग को सम्मान और रोजगार देना है। वन क्षेत्रों में काम करने वाले अनुसूचित जनजाति (एसटी) के मजदूरों को 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, नए कानूनी ढांचे के तहत ‘ग्राम राज्य’ बनाने का प्रयास भी किया जाएगा। कांग्रेस को राम नाम से दिक्कत
प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मनरेगा (राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) पर अब तक सबसे अधिक खर्च मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने पुरानी रोजगार योजनाओं के नाम पर भी टिप्पणी की और बताया कि पहले यह योजना महात्मा गांधी के नाम पर नहीं थी। 1980 में इंदिरा गांधी ने इसे राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना नाम दिया, इसके बाद राजीव गांधी और जवाहर योजना जैसे नाम रखे गए। सिलावट ने मनमोहन सिंह सरकार पर भी यह आरोप लगाया कि उन्होंने योजनाओं के नाम एक ही परिवार के नाम पर रखे। ग्रामीण भारत बदल गया सिलावट ने आगे बताया कि 2005 में मनरेगा शुरू होने के बाद ग्रामीण भारत में काफी बदलाव आया है। 2011-12 में गांवों की स्थिति बहुत खराब थी, लेकिन अब वहां कनेक्टिविटी और सुविधाओं में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीणों की जरूरतें अलग थीं, अब बदल गई हैं, इसलिए नई योजना और बदलाव जरूरी हैं। नई योजना में क्या नया है: सिलावट ने बताया कि अब नई योजनाओं में एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का उपयोग होगा। इसका उद्देश्य जीवन स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास लाना है। नए कानून में विशेष रूप से जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे का निर्माण और खराब मौसम के कारण काम में रुकावट जैसी समस्याओं को दूर करने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई योजना से ग्रामीण आय बढ़ेगी और कटाई के मौसम में जो पहले 60 दिन काम बंद हो जाता था, अब मजदूरों की कमी नहीं होने दी जाएगी। सिलावट ने यह भी बताया कि देश में लगभग 600 योजनाओं के नाम गांधी परिवार या राजीव गांधी के नाम पर रखे गए हैं। कांग्रेस की सरकार ने कई बड़े नेताओं के साथ दोहरे मापदंड अपनाए। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के संगठन संभाग प्रभारी व प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, पूर्व मंत्री व बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस, खंडवा संसदीय सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटील, नेपानगर विधायक मंजू दादू और भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने भी मौजूद थे।

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