भास्कर न्यूज|गुमला आदिवासी समाज की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को सहेजने के उद्देश्य से आगामी 1 फरवरी को रोहतासगढ़ में 20वां रोहतासगढ़ यात्रा महोत्सव आयोजित होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन को लेकर सोमवार को गुमला के होटल बिंदेश में अखिल भारतीय रोहतासगढ़ तीर्थयात्रा संचालन समिति द्वारा एक प्रेस वार्ता की गई। समिति के सदस्य देवेंद्र लाल उरांव ने जानकारी दी कि 31 जनवरी की शाम गुमला के डीएसपी रोड स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के पास से 500 से अधिक श्रद्धालु इस पावन यात्रा के लिए प्रस्थान करेंगे। माघ पूर्णिमा के अवसर पर होने वाले इस महोत्सव में देश के 10 अलग-अलग राज्यों से हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोगों के जुटने की संभावना है। यह महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की जड़ों से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं। अपनी समृद्ध सभ्यता, परंपरा और पूर्वजों की विरासत को जानना और उसे संजोने का संकल्प लेना। समाज के लोगों को उनके मूल धर्म और पहचान के प्रति सचेत करना। मतांतरित हो चुके लोगों को पुनः अपनी मूल संस्कृति और धर्म की ओर लौटने के लिए प्रेरित करना। देवेंद्र लाल उरांव ने जोर देकर कहा कि यह आयोजन पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है, जो एकता, संस्कार और पारंपरिक मूल्यों का संदेश देगा।


