लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को न्याय देने की अपील

भास्कर न्यूज| लुधियाना नगर निगम लुधियाना में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को जोन-डी कार्यालय में मेयर इंदरजीत कौर की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विधायक चौधरी मदन लाल, अशोक पराशर पप्पी, कमिश्नर नीरू कत्याल गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर, डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर, अतिरिक्त कमिश्नर परमजीत सिंह खेहरा, संयुक्त कमिश्नर वनीत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नगर निगम के कर्मचारियों की ओर से म्यूनिसिपल इम्प्लाइज संघर्ष कमेटी के चेयरमैन अश्वनी सहोता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मेयर को मांग पत्र सौंपा। इसमें सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन, क्लर्क, ड्राइवर और अन्य कर्मचारियों से जुड़ी कई प्रमुख समस्याओं को उठाया गया। संघर्ष समिति ने बताया कि हाल ही में डीडीओ स्वास्थ्य शाखा द्वारा सफाई कर्मचारियों की तनख्वाह भुगतान के लिए वार्ड काउंसलरों से हाजिरी सत्यापन कराने के आदेश जारी किए गए हैं। कर्मचारियों ने इसे शोषण का खतरा बताते हुए वेतन में देरी की आशंका जताई और आदेश को तुरंत रद्द करने की मांग की। इस अवसर पर संघर्ष समिति के वरिष्ठ नेता विजय मानव, वरिंदर काला स्वामी, अमन बैनीवाल, नरेश काला, राकेश घई, राजू शेरपुरिया, पवन घारू, मनोज सहोता, अजय सभरवाल, गुलशन डिमाना सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी नेता मौजूद रहे। संघर्ष समिति ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा 18 जून 2021 से पहले कार्यरत कर्मचारियों और सीवरमैन को नियमित किया गया है, लेकिन इसके बाद भर्ती हुए करीब 2000 दर्जा-चार सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को अब तक नियमित नहीं किया गया। इसके अलावा लंबे समय से काम कर रहे 456 माली, बेलदार और ड्राइवर भी नियमितीकरण से वंचित हैं। समिति ने इन सभी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। निगम में एसएस सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों, ठेके पर काम कर रहे 110 डेटा एंट्री ऑपरेटर, जेई, एसडीओ और अन्य लंबे समय से कार्यरत स्टाफ को डीसी रेट कर्मचारी घोषित करने की मांग भी उठाई गई। संघर्ष समिति ने बताया कि नगर निगम की फॉगिंग मशीनों को ठेकेदार कंपनियों को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे करीब 150 ड्राइवर और ऑपरेटरों के बेरोजगार होने का खतरा है। समिति ने इन मशीनों को नगर निगम के अधीन ही रखने और निजी कंपनियों को सौंपने पर रोक लगाने की मांग की। संघर्ष समिति ने जालंधर बाईपास चौक के पास स्थित डॉ. अंबेडकर भवन में निजी व्यक्तियों द्वारा अवैध बुकिंग कर नगर निगम को वित्तीय नुकसान पहुंचाने का मुद्दा उठाया और भवन का प्रबंधन नगर निगम के अधीन करने की मांग की।

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