लखनऊ कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा:’इंडियन स्टेट से लड़ाई’ बयान पर याचिका; 1 अक्टूबर को दर्ज होंगे बयान

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ लखनऊ की कोर्ट ने मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा आलोक वर्मा (एमपी-एमएलए) की कोर्ट ने दर्ज किया। वकील नृपेंद्र पांडेय ने 9 सितंबर को याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने ‘वी आर नाउ फाइटिंग द बीजेपी, द आरएसएस एंड द इंडियन स्टेट इटसेल्फ’ कहा। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह बयान न केवल राष्ट्रविरोधी है, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ सुनियोजित साजिश है। वकील ने कोर्ट से राहुल गांधी समेत कई शीर्ष कांग्रेस नेताओं को तलब कर देशद्रोह और षड्यंत्र जैसी धाराओं में दंडित करने की मांग की। इस मामले में 1 अक्टूबर को कोर्ट में वकील नृपेंद्र पांडेय के बयान दर्ज किए जाएंगे। पढ़िए याचिका में क्या कहा है ‘राहुल गांधी का बयान देश तोड़ने की साजिश’
याचिका में कहा गया है कि 15 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में नवनिर्मित कांग्रेस मुख्यालय, इंदिरा भवन के उद्घाटन के दौरान राहुल गांधी ने ने यह बयान दिया था। यह बयान सोच-समझकर, पूरी मानसिक स्थिरता और विदेशी ताकतों के इशारे पर दिया। इससे देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा करने का खतरा है। खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका वाड्रा भी दोषी
याचिका में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश और प्रियंका वाड्रा को भी पार्टी बनाया गया है। आरोप है, इन नेताओं ने राहुल गांधी के बयान का खंडन नहीं किया। बल्कि, मौन समर्थन देकर देश के खिलाफ षड्यंत्र में भागीदारी की। वकील नृपेंद्र पांडेय ने अपनी याचिका में राहुल गांधी के पुराने विवादित बयानों को भी शामिल किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का बयान कि ‘मोदी को लोग डंडों से पीटेंगे’ और ‘अभी तो एटम बम फोड़ा है, जल्द ही हाइड्रोजन बम फोड़ेंगे’ देश में अराजकता और हिंसा फैलाने की साजिश का हिस्सा है। संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप
याचिका में कहा गया है कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल भारत की संवैधानिक संस्थाओं, चुनाव आयोग, न्यायपालिका और संसद पर अविश्वास फैलाने का षड्यंत्र कर रहे हैं। इससे देश में अस्थिरता और अशांति का माहौल पैदा हो रहा है।
वीर सावरकर बयान पर वकील ने दायर की थी याचिका
वकील नृपेंद्र पांडेय ने इससे पहले भी राहुल गांधी के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने 17 दिसंबर, 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीर सावरकर को ‘अंग्रेजों का नौकर’ और ‘पेंशन लेने वाला’ कहा था। इसके बाद राहुल गांधी को वीर सावरकर पर विवादित टिप्पणी और भड़काऊ भाषण देने के लिए तलब किया गया था। राहुल के खिलाफ यूपी में 3 केस पहले से चल रहे —————————- ये भी पढ़िए… भास्कर से शूटर बोला- यूपी आकर गलती हो गई : दिशा पाटनी के घर फायरिंग नहीं की, सिर्फ रेकी की “यूपी आकर गलती हो गई। अब ऐसा काम नहीं करूंगा। मैंने तो दिशा पाटनी के घर फायरिंग नहीं की थी। सिर्फ रेकी कर रहा था। अरुण को एक महीने पहले से जानता हूं, जिसका एनकाउंटर हुआ। इन लोगों ने मेरे पैसे भी नहीं दिए।” ये बातें बरेली पुलिस के एनकाउंटर में घायल हुए 25 हजार के इनामी रामनिवास ने दैनिक भास्कर से कहीं। (पूरी खबर पढ़िए)

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