लखनऊ में डिजिटल अरेस्ट कर 20 हजार ठगे:प्राइवेट कंपनी कर्मी को दो घंटे वीसी पर रखा, दोस्त की सतर्कता से बची बड़ी रकम

लखनऊ में साइबर जालसाजों ने एक युवक को आधे घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर एक लाख रुपए ठगने का प्रयास किया। खुद को साइबर क्राइम थाना मुंबई का अधिकारी बताकर फोन कर जालसाजों ने पूरे परिवार को जेल भेजने की धमकी दी। डर के चलते पीड़ित ने क्यूआर कोड पर 20 हजार 400 रुपए ट्रांसफर भी कर दिए। बाद में दोस्त की सतर्कता से ठगी का खुलासा हुआ। पीड़ित की तहरीर पर चिनहट थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया मल्हौर चिनहट निवासी अजीत कुमार विश्वकर्मा प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। अजीत के मुताबिक 5 नवंबर की सुबह करीब 9 बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को साइबर क्राइम ब्रांच मुंबई का अधिकारी बताया और कहा कि उनके खिलाफ वहां मुकदमा दर्ज है। दोस्त से रुपए मांगे तब राज खुला आरोपी ने दावा किया कि उनकी टीम पूरे परिवार पर नजर रखे हुए है और गिरफ्तारी के लिए घर रवाना हो चुकी है। विरोध करने पर जालसाज ने पुलिसिया लहजे में गालीगलौज शुरू कर दी। जांच के नाम पर खातों की जानकारी ली और फिर एक क्यूआर कोड भेजकर एक लाख रुपए की मांग की। अजीत पूरे परिवार के जेल जाने और बदनामी की धमकी से वह घबरा गया। खाते में मौजूद 20,400 रुपए उसने क्यूआर कोड पर ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जालसाजों ने और रुपए की मांग शुरू कर दी। घबराए अजीत ने अपने दोस्त को फोन कर मदद मांगी और रुपए ट्रांसफर करने को कहा। हड़बड़ाहट भरी आवाज सुनकर दोस्त को शक हुआ। पूछताछ करने पर अजीत ने पूरी बात बताई। दोस्त ने उसे शांत कराया और बताया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो रहा है। इसके बाद फोन कटवा दिया गया। दोस्त ने ही साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। दोस्त की सक्रियता से पीड़ित एक बड़ी ठगी का शिकार होने से बच गया। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि पुलिस मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच कर रही है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *