लखनऊ में बिजली के निजीकरण के निर्णय के विरोध में गुरुवार बिजली कर्मियों ने प्रदर्शन किया। काकोरी क्रांति के नायकों की याद में बिजली कर्मियों ने धरना दिया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और फैसले को वापस लेने की मांग की गई। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा- ऊर्जा मंत्री ने भ्रामक आंकड़े देकर बिजली कर्मचारियों पर चोरी का आरोप लगाया है। इससे बिजली कर्मचारियों में भारी गुस्सा है। प्रदर्शन की तीन तस्वीरें… 27 लाख कर्मचारी सड़क पर उतरे
उप्र और चंडीगढ़ में में बिजली के निजीकरण के निर्णय के विरोध में आज पूरे देश में 27 लाख बिजली कर्मचारी सड़कों पर उतरे। बिजली कर्मचारियों ने मांग की कि उप्र में बिजली के निजीकरण का जन विरोधी निर्णय वापस लिया जाए। बिजलीकर्मी बोले- लापरवाही IAS अधिकारियों की है
अभियंता संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा- सीमित संसाधनों के बावजूद ऊर्जा क्षेत्र में गुणात्मक सुधार बिजली कर्मचारियों ने ही किया है। कथित विफलता के लिए पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन और ऊर्जा मंत्री को जिम्मेदार ठहराया। देशभर के बिजली कर्मचारियों ने चेतावनी दी है, कि यदि यूपी में बिजली के निजीकरण की कोई भी एकतरफा कार्रवाई हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। बिजली कर्मचारियों ने काकोरी क्रांति के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर प्रदर्शन किया।


