लखनऊ के हुसैनाबाद स्थित फूड कोर्ट को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने गुरुवार को सील कर दिया। यह कार्रवाई लगातार दो वर्षों से लीज की निर्धारित राशि जमा न किए जाने पर की गई। प्राधिकरण की ओर से कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन निजी संस्था ने न तो बकाया राशि जमा की और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। LDA अधिकारियों के मुताबिक हुसैनाबाद फूड कोर्ट का निर्माण करीब 9.75 करोड़ रुपए की लागत से किया गया था। इसे निजी संस्था को लीज पर दिया गया था। 7 दिसंबर 2024 को फूड कोर्ट का हैंडओवर किया गया, जिसके तहत संस्था को हर साल 1 करोड़ 15 लाख 92 हजार रुपए लीज राशि जमा करनी थी। अब तक संस्था की ओर से सिर्फ 22 लाख 50 हजार रुपए ही जमा किए गए हैं। उपाध्यक्ष के निरीक्षण में इस वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ। इसके बाद उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल फूड कोर्ट सील करने के निर्देश दिए। फूड कोर्ट के ग्राउंड फ्लोर पर शहर के पांच नामचीन रेस्टोरेंट संचालित हो रहे थे। वहीं प्रथम तल पर गोल्डन सैफरॉन रेस्टोरेंट और टेरेस पर रूमी कैफे चल रहा था। सीलिंग के चलते सभी दुकानों और व्यावसायिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अगले महीने जनता के लिए खुलेगा म्यूजियम ब्लॉक फूड कोर्ट के निरीक्षण के बाद LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने उसके पास बने म्यूजियम ब्लॉक का भी निरीक्षण किया। इस दौरान वहां चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष ने कार्यदायी संस्था को एक महीने में सभी अधूरे काम पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अगले महीने म्यूजियम ब्लॉक को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। डालीगंज चौराहे के रीमॉडलिंग कार्य में देरी पर फटकार उपाध्यक्ष ने डालीगंज चौराहे पर चल रहे रीमॉडलिंग कार्य का भी जायजा लिया। निरीक्षण में पाया गया कि काम की रफ्तार बेहद धीमी है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर उपाध्यक्ष ने कार्यदायी संस्था को कड़ी फटकार लगाते हुए एक महीने के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए।


