लखनऊ के इकाना स्टेडियम में वास्तुकला महोत्सव 2.0 का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। इकाना स्टेडियम में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन लखनऊ आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन की संरक्षक और एकेटीयू की डीन डॉ. वंदना सहगल, आवास विकास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह, नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। विकास परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया महोत्सव का पहला सत्र “स्टेट कैपिटल रीजन एक विकास केंद्र के रूप में दृष्टि” विषय पर हुआ। इस चर्चा में डॉ. बलकार सिंह इंद्रजीत सिंह, सेवानिवृत्त आईएएस दिवाकर त्रिपाठी, लोक निर्माण विभाग के मुख्य वास्तुकार आर्किटेक्ट सबरीना सिंह और आर्किटेक्ट शुभ्रा मित्तल शामिल हुए। सत्र का संचालन डॉ. वंदना सहगल ने किया। इस चर्चा में लखनऊ और आस-पास के क्षेत्रों के चौमुखी विकास पर केंद्रित प्रदेश सरकार की प्रमुख विकास परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। चर्चा में शामिल विशेषज्ञों ने इन विकास योजनाओं में वास्तुकारों की महत्वपूर्ण भूमिका को विशेष रूप से लोगों को अवगत कराया। लखनऊ की अनकही कहानियां सुनाई “लखनऊ की अनकही कहानियां” विषय पर दूसरे पैनल की चर्चा आयोजित की गई, इसमें आर्किटेक्ट अविनाश घई, आर्किटेक्ट रोहित परमार, आर्किटेक्ट अंशु सिंह, आर्किटेक्ट रोली सिंह और आर्किटेक्ट राहुल जादौन ने अपने-अपने विचार साझा किए। इस पैनल ने शहर की परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर पर प्रकाश डाला। लखनऊ आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रशांत पाल सिंह ने बताया कि कार्यक्रम तीन दिनों तक चलेगा। इससे वास्तुकला और शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी। तीन दिनों तक अलग-अलग विषयों पर सत्र के आयोजन होते रहेंगे।


