लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की आईटी सिटी और वेलनेस सिटी जैसी आवासीय योजनाओं के लिए भूमि जुटाने के उद्देश्य से अब किसानों को लैंड पूलिंग नीति के लाभ गिनाए जाएंगे। इसके लिए संबंधित गांवों में किसानों के साथ खुली बैठकें आयोजित की जाएंगी और व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। यह निर्देश मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत ने गुरुवार को एलडीए के पारिजात सभागार में आयोजित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार सहित जिला प्रशासन और प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मण्डलायुक्त ने कहा- लैंड पूलिंग नीति के तहत भूमि देने वाले किसानों को कई गुना अधिक लाभ मिलेगा। योजना के अंतर्गत किसानों को उनकी जमीन के बदले 25 प्रतिशत विकसित आवासीय भूखंड मिलेंगे, जिनकी बाजार कीमत नकद प्रतिकर से कहीं अधिक होगी। उन्होंने इसे किसानों के हित में बताया और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। किसानों के साथ संवाद किया जाए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटी सिटी और वेलनेस सिटी से प्रभावित गांवों में जाकर किसानों के साथ संवाद किया जाए। साथ ही होर्डिंग, पैम्फलेट और अन्य माध्यमों से लैंड पूलिंग नीति की जानकारी दी जाए। अधिक प्रस्ताव लाने वाले अमीनों और लेखपालों को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में मण्डलायुक्त ने निजी इंटीग्रेटेड टाउनशिप की भी समीक्षा की। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि सभी निजी टाउनशिप में विकसित की जा रही मूलभूत सुविधाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा। यह ऑडिट त्रैमासिक होगा और इसका खर्च संबंधित डेवलपर वहन करेगा। शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निपटारा होगा एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के प्रभावी संचालन को लेकर मण्डलायुक्त ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार एसओपी तैयार कराने के निर्देश दिए, ताकि इनलेट और आउटलेट जल की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा आईजीआरएस से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान मण्डलायुक्त ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण परीक्षण कर समयबद्ध निस्तारण किया जाए।


