लखनऊ सिविल कोर्ट में दो गुटों में मारपीट:दो वकील घायल, 200 की भीड़ कोर्ट पहुंची, हत्या के केस में गवाही होनी थी

लखनऊ सिविल कोर्ट में दो पक्षों में मारपीट हो गई। बीच-बचाव करने आए दो वकील भी घायल हो गए। वहीं फायरिंग की भी सूचना है। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल कर गोली चलने की बात से इनकार किया है। पुलिस ने बताया, पीसी- 8 कोर्ट के सामने मारपीट हुई है। थाना बिजनौर में 2015 में दर्ज हत्या के मुकदमे से संबंधित मामले में गवाही होनी थी। एक पक्ष दूसरे पक्ष पर गवाही नहीं देने का दबाव बना रहा था। दावा किया जा रहा है कि 200 की संख्या में लोग कोर्ट पहुंचे थे। इस बीच बहस हुई और मारपीट हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को पकड़ लिया है। पूछताछ के लिए वजीरगंज थाने ले गई। पुलिस ने बताया, कोर्ट कैंपस में फायरिंग करने और असलहा लाने की सूचना गलत पाई गई है। वहीं मामले में दोनों पक्षों की ओर से वजीरगंज थाने में तहरीर दी गई है। इंस्पेक्टर वजीरगंज दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच की जाएगी। हत्या मामले में होनी थी गवाही मामले में गवाह मनोज यादव ने बताया, साल 2015 में एक हत्या हुई थी। विवाद कुंदन यादव और संदीप यादव के बीच रहा था। 2023 में कुंदन यादव के साथ मैं बैठा था, तभी संदीप यादव ने गवाही देने से मना किया। कुंदन और संदीप में बहस हो गई। इस बीच संदीप पक्ष के लोगों ने फायरिंग कर दी। कुंदन को 3 गोली लगी थी। हालांकि कुंदन की जान बच लगई। 200 लोग पहुंचे कचहरी मनोज यादव ने बताया, सोमवार को हत्या मामले में मेरी गवाही होनी थी। कोर्ट रूम में मौजूद था। तभी संदीप यादव के पक्ष से करीब 200 लोग कचहरी पहुंचे। संदीप ने गवाही नहीं देने का दबाव बनाया। कोर्ट में मेरे साथ संदीप बहस करने लगा। मेरे वकील विनय मिश्र ने विरोध किया तो संदीप पक्ष के लोग मारपीट करने लगे। मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस ने संदीप पक्ष के करीब 10 लोगों को हिरासत में लेकर वजीरगंज थाने गई। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से तहरीर मिली है। पकड़े गए लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। मामले की जांच चल रही है।

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