मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ ने अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। शुक्रवार को विदिशा जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन प्रदेश के सभी 55 जिलों में एक साथ दिया गया। संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। उन्होंने सरकार से वेतन वृद्धि, पदोन्नति, पदस्थापन और नियमितीकरण की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। आवेदन में ये मांगे की गईं कर्मचारियों का कहना है कि इस आंदोलन का उद्देश्य सरकार का ध्यान उनकी समस्याओं की ओर आकर्षित करना है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से कर्मचारियों को नियमित का दर्जा देने की मांग की गई है। इसके साथ ही, दैनिक वेतनभोगियों को नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता का लाभ देने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित करने समेत ग्राम रक्षकों (कोटवार) को नियमित सेवा का दर्जा देने की मांग भी शामिल है। ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग संघ ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक आयोग गठित करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, विभागवार वरिष्ठता सूची जारी करने और उन्हें नियमित सेवा का अवसर प्रदान करने की भी मांग रखी है। अन्य मांगों में कर्मचारियों का वर्दी धुलाई भत्ता 50 रुपए से बढ़ाकर 200 रुपए प्रतिमाह करना और सभी कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से 7वें वेतनमान का लाभ देना शामिल है। संघ पदाधिकारियों ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा भी बताई। इसके तहत 26 दिसंबर को सांकेतिक धरना, 16 जनवरी को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और 29 जनवरी को पत्रकार वार्ता का आयोजन किया जाएगा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 21 फरवरी 2026 को भोपाल में विशाल प्रदर्शन और आमसभा आयोजित की जाएगी। यदि शासन ने 15 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


