कटनी में मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ ने सिविल लाइन स्थित अपने दफ्तर में पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान संघ के नेताओं ने कर्मचारियों की पुरानी मांगों को लेकर प्रदेश सरकार पर अपनी नाराजगी जाहिर की और बड़े आंदोलन की चेतावनी दे डाली। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि छोटे कर्मचारी अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने अपनी मांगों को मनवाने के लिए 7 हिस्सों में आंदोलन की योजना बनाई थी, जिसमें से 5 चरण पूरे हो चुके हैं। इसके बावजूद सरकार ने अब तक कर्मचारियों की सुध नहीं ली है और न ही कोई ठोस फैसला किया है। 55 हजार से ज्यादा कर्मचारियों का भविष्य दांव पर प्रेस वार्ता में बताया गया कि प्रदेश के अलग-अलग विभागों में करीब 55 हजार से ज्यादा लघु वेतन कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों की शिकायत है कि उन्हें न तो पूरा न्यूनतम वेतन मिल रहा है और न ही नौकरी पक्की (नियमितीकरण) की जा रही है। इसके साथ ही वे सामाजिक सुरक्षा और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरस रहे हैं। 21 फरवरी से आर-पार की लड़ाई का ऐलान संघ ने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन मिल रहे हैं, समाधान नहीं। पदाधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अगर जल्द ही मांगों पर कोई अच्छी खबर नहीं मिली, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि 21 फरवरी 2026 से पूरे प्रदेश में नए सिरे से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की।


