जयपुर रोड होटल मकराना राज में डेढ़ साल पहले कर्मचारियों को डंडों से पीटने के मामले में आईएएस गिरधर, आईपीएस सुशील बिश्नोई, तहसीलदार, पुलिस कर्मी, पटवारी सहित 12 आरोपियों द्वारा की गई मारपीट के बहुचर्चित मामले में गेगल थाना पुलिस की ओर से इस मामले में पेश की गई एफआर को न्यायिक मजिस्ट्रेट (क्रम-2) ने नामंजूर कर दी है। कोर्ट आईएएस, आईपीएस सहित सभी आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर तलब किया है। कोर्ट ने एसपी को निर्देशित किया है कि आरोपियों को वारंट तामील की कार्रवाई करें और प्रत्येक सोमवार को कोर्ट में इस बारे में रिपोर्ट दें। कोर्ट ने मामले की केस डायरी भी पेश करने के आदेश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट मनमोहन चंदेल ने आदेश में कहा कि जांच अधिकारी के अनुसंधान निष्कर्ष में स्पष्ट है कि आरोपियों ने पुलिस जांच में सहयोग नहीं किया। इसलिए इस मामले में हस्तक्षेप किया जाना न्यायोचित व न्यायसंगत प्रतीत होता है। मालूम हो घटना में आईएएस-आईपीएस के शामिल होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने सरकार को नहीं बताया। सीएस ऊषा शर्मा की नाराजगी के बाद दोनों अधिकारी सस्पेंड किए गए। पुलिस ने अपनी नई कहानी बनाई पुलिस ने गेगल थाने में दर्ज अज्ञात के खिलाफ मुकदमे के बाद आरोपियों में शामिल आईएएस के भाई सहित 5 अन्य को गिरफ्तार दिखाया। इसमें उनको थाने के बाहर हंगामा करना बताया और धारा 151 में गिरफ्तारी दिखाई। जबकि शांतिभंग में तो सभी को मौके से ही गिरफ्तार किया जा सकता था। केस कमजोर करने वाली धाराएं लगाईं घटना रात की थी और होटल में घुसकर सरियों-लाठियों से मारपीट हुई। यह बात शिकायत में है। इसके बावजूद एफआईआर में मारपीट की धारा 341, 323, 143 में मामला दर्ज किया गया। मामला सुर्खियों में आने के बाद में अन्य धाराएं लगाईं। एफआर एडिशनल एसपी ने लगवाई मामले में तत्कालीन एएसपी महमूद खान ने एफआर के आदेश दिए। मकरानाराज होटल के कर्मचारी तेजपाल िसंह ने गेगल थाने में दी िरपोर्ट में बताया कि वह भूपेन्द्र िसंह, उमेश मेहता,नारायण िसंह, मोनू आैर खलीफा होटल में बैठे थे। दो कारों में कुछ लोग आए आैर लाठियों से मारपीट की। फुटेज से पहचान हुई। आरोपी नशे में थे, मेडिकल दो दिन बाद पुलिस ने दोनों पक्षों का मेडिकल मुआयना घटना के दो दिन बाद करवाया। मामला सरकार तक पहुंचा। होटल मालिक ने अपने कर्मचारियों के मेडिकल खुद ही करवा लिया था। आईएएस-आईपीएस पर नशे में होने का आरोप था, लेकिन उनका मेडिकल नहीं हुआ। मारपीट में अफसरों के शामिल होने की बात सरकार से छिपाई, तत्कालीन सीएस हुई थीं नाराज होटल में 11 जून 2023 को रात 2 बजे आईपीएस सुशील कुमार बिश्नोई, आईएएस गिरधर व उसका भाई सुरेन्द्र, टोंक जिले में पोस्टेड तहसीलदार रामधन गुर्जर, पटवारी नरेंद्र सिंह, टोंक कलेक्ट्रेट में एलडीसी हनुमान प्रसाद, टोंक एसडीएम का गनमैन मुकेश जाट पहुंचे और मारपीट की। इसके बाद होटल से निकलकर सीधे गेगल थाने पहुंचे। थाने से एएसआई रूपाराम, कांस्टेबल गौतम व मुकेश यादव को साथ लेकर फिर से होटल पहुंचे और मारपीट की। होटल कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज सामने आए और बात सरकार तक पहुंची, तब आईएएस, आईपीएस सहित आठ को सस्पेंड किया गया। तत्कालीन डीजीपी उमेश मिश्रा के निर्देश पर पूर्व एडीजी (विजिलेंस) बीजू जॉर्ज और गेगल थाने में दर्ज मामले की जांच सीओ मनीष कुमार ने की। बाद में आरोपी आईपीएस, आईएएस बहाल कर दिए गए। हर सोमवार को बताना होगा वारंट क्यों तामील नहीं हुआ अदालत ने कहा कि आरोपियों में वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं इसलिए इनका गिरफ्तारी वारंट तामील कराने की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक की है। विशेष कार्रवाई कर वारंट तामील कराए जाएं। अदम तामील की सूरत में तामील कुनिंदा प्रतिदिन तामील के िलए िकए गए प्रयासों की रिपोर्ट मय आमद रवानगी के साथ जब तक वारंट सफलतापूर्वक तामील ना हो जाए तब तक प्रत्येक सोमवार को अदालत में हाजिर होकर लिखित स्पष्टीकरण दें। एसपी ने 3 को ही लाइन हाजिर किया सीसीटीवी फुटेज में आईएएस-आईपीएस के शामिल होने की पुष्टि हुई। एसपी ने एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मियों को ही लाइन भेजा। बाद में आईएएस, आईपीएस सस्पेंड किए गए। आरोपी कौन…पुलिस जानती थी घटना को लेकर होटल कर्मियों की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया। गेगल पुलिस को मालूम था आरोपी कौन हैं। शिकायत के अनुसार मारपीट दो बार हुई। पुलिस पहुंची, लेकिन कार्रवाई नहीं की होटल में 11-12 जून 2023 की रात मारपीट की घटना हुई। गेगल थाने को सूचना भी दी गई। पुलिस आई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा होटल स्टाफ को ही पीटने लगी। गिरफ्तारी वारंट इनके िखलाफ } आईएएस गिरधर पुत्र मूलाराम बेनीवाल तत्कालीन एडीए आयुक्त एवं वर्तमान में सीईआे माडा श्रीगंगानगर। } आईपीएस सुशील कुमार बिश्नोई पुत्र गणपतराम बिश्नोई निवासी बीकानेर, तत्कालीन एएसपी। वर्तमान में डिप्टी कमिश्नर जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन। } मुकेश कुमार पुत्र रामदेव जाट निवासी ग्राम सोंदीफल तहसील बोरखंडीकला पीपलू टोंक। } कनिष्ठ सहायक हनुमान पुत्र रामगोपाल चौधरी निवासी जाटों का मोहल्ला ग्राम देवली भांची टोंक। } कांस्टेबल मुकेश कुमार पुत्र नागरमल निवासी खींचड़ों की ढाणी, लोसल सीकर। } पटवारी नरेंद्र चौधरी पुत्र रामप्रसाद चौधरी निवासी ग्राम ढूंढिया पीपलू टोंक। } सुरेंद्र पुत्र मूलाराम जाट निवासी ईसर नावड़ा खींवसर,नागौर हाल शिप्रापथ जयपुर } तहसीलदार रामधन गुर्जर। } तत्कालीन एएसआई पुलिस थाना गेगल रूपाराम पुत्र प्रभुराम निवासी ग्राम डाबोली डेगाना। } कांस्टेबल गौतमराम पुत्र उगमा राम निवासी ग्राम श्याम नगर दसवां की ढाणी सुरसुरा रूपनगढ़। } कांस्टेबल मुकेश यादव पुत्र पूर्णचंद निवासी ग्राम महीमपुरा तिजारा अलवर। } तत्कालीन गेगल थानाधिकारी सुनील कुमार बेड़ा। ये भी पढ़ें- IPS सुशील पर मंगेतर ने लगाए थे रेप के आरोप:IAS के साथ मिलकर की थी होटल में मारपीट, दोनों अफसरों समेत 8 सस्पेंड अजमेर में होटल कर्मचारियों से मारपीट के मामले में आईएएस गिरधर व आईपीएस सुशील कुमार बिश्नोई की गिरफ्तारी जल्द हो सकती है। गेगल थाने में अब तक अज्ञात के खिलाफ ही मामला दर्ज है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सभी आरोपी चिह्नित हो चुके हैं। (पूरी खबर के लिए क्लिक करें)


