लवकुश फ्लायओवर की दूसरी भुजा रविवार दोपहर ट्रैफिक के लिए खोल दी गई। जनप्रतिनिधि और इंदौर विकास प्राधिकरण के अफसर सुपर कॉरिडोर पर पहुंचे। मंत्रोच्चार हुआ, नारियल फोड़ा और सुपर कॉरिडोर से एमआर-10 तरफ जाने वालों को चौराहे के बजाय ब्रिज की ओर मोड़ दिया। आईडीए का दावा है कि चौराहे पर ब्रिज की दोनों लेन शुरू हो जाने से दो लाख से अधिक वाहन चालकों को फायदा होगा। चौराहे पर इन वाहनों के रोज 15 मिनट बचेंगे। वहीं, पश्चिमी इंदौर को पूर्वी इंदौर से जोड़ने के रूप में भी इस ब्रिज को देखा जा रहा है। एयरपोर्ट तरफ से होते हुए लवकुश चौराहे पर रुके बिना सीधे एमआर-10 से होते हुए विजय नगर तक पहुंच सकते हैं। 14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने फ्लायओवर का लोकार्पण किया था। तब ब्रिज की एक भुजा पर यातायात शुरू किया था। इसी साल पूरा होगा दूसरा ब्रिज प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि इस चौराहे पर प्राधिकरण द्वारा डबल डेकर ब्रिज बनाया जा रहा है। दूसरे ब्रिज को उज्जैन सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है। इसी वर्ष के अंत तक उस ब्रिज का काम भी पूरा करके उसे यातायात के लिए शुरू करने की योजना है। 8 लाख लोगों को मिल गया लाभ आईडीए द्वारा इंदौर शहर में फूटी कोठी चौराहा, भंवरकुआं, खजराना और लवकुश चौराहे पर चार फ्लायओवर बनाकर यातायात शुरू कर दिया गया है। इन सभी ब्रिज पर यात्रा शुरू हो जाने से 8 लाख नागरिकों को आने-जाने में सुगमता हो गई है। फूटी कोठी चौराहे से सिग्नल हटा लिए गए हैं। खजराना चौराहे पर भी सिग्नल हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। इधर, 11 चौराहों पर फ्लायओवर बनाने के लिए फिजिबिलिटी सर्वे आज से होगा आईडीए ने शहर के 11 अन्य चौराहों पर फ्लायओवर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुंबई की टेक्नोजेम को फिजिबिलिटी सर्वे का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। सोमवार से ब्रिज के लिए प्रस्तावित चौराहों पर फिजिबिलिटी सर्वे शुरू हो जाएगा। महीनेभर में सर्वे रिपोर्ट तैयार होगी। इस रिपोर्ट को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। वहां से अनुमति मिलने के बाद निर्माण के लिए टेंडर होंगे। कलेक्टर आशीष सिंह के मुताबिक शहर के प्रमुख चौराहों को सिग्नल फ्री बनाने, ट्रैफिक सुगम करने के लिए यह कदम उठाया था। पश्चिमी और पूर्वी रिंग रोड का बड़ा हिस्सा भी सिग्नल फ्री हो चुका है। अब इन चौराहों पर बनना है फ्लायओवर चाणक्यपुरी, जंजीरावाला, टॉवर चौराहा, अग्रसेन चौराहा, गोपुर चौराहा, मधुमिलन, घंटाघर, छावनी, पत्रकार कॉलोनी चौराहा, एग्रीकल्चर कॉलेज चौराहा और आजाद नगर चौराहा। स्थिति ये कि शहरी क्षेत्र में कार चलाना मुश्किल ट्रैफिक इतना बढ़ गया है कि एमजी रोड, गीता भवन से विजय नगर, आनंद बाजार, जवाहर मार्ग, सुभाष मार्ग जैसे इलाकों में कार चलाना मुश्किल हो रहा।


