संघ शताब्दी वर्ष के तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने शनिवार शाम पुराने भोपाल स्थित संघ कार्यालय शिवनेरी में आयोजित ‘स्त्री शक्ति संवाद’ कार्यक्रम में महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था को सुरक्षित रखने में महिलाओं की बड़ी भूमिका है। अब वह समय नहीं रहा, जब महिलाओं को केवल सुरक्षा के नाम पर घर तक ही सीमित रखा जाता था। आज परिवार और समाज, दोनों को स्त्री और पुरुष मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। लव जिहाद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसकी रोकथाम की शुरुआत अपने घर और परिवार से होनी चाहिए। यह समझना जरूरी है कि परिवार की बेटी किसी अपरिचित के बहकावे में कैसे आई। उन्होंने इसका मुख्य कारण आपसी संवाद की कमी बताया। संघ प्रमुख ने लव जिहाद रोकने के लिए तीन उपाय भी बताए हम भले ही अलग दिखते हों… लेकिन राष्ट्र, धर्म, संस्कृति के स्तर पर एक हैं
सुबह 9 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सामाजिक प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सद्भावना बैठकों से समाज मजबूत होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जिम्मेदारी केवल संघ की नहीं है, बल्कि विभिन्न सामाजिक संगठनों को मिलकर यह कार्य करना होगा। भागवत ने कहा कि कानून समाज को नियंत्रित कर सकता है, लेकिन समाज को चलाने और जोड़कर रखने का कार्य सद्भावना करती है। विविधता के बावजूद एकता ही हमारी पहचान है। बाहरी रूप से हम भले ही अलग-अलग दिखते हों, लेकिन राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के स्तर पर हम सभी एक हैं। विविधता में एकता को स्वीकार करने वाला समाज ही हिंदू समाज है। उन्होंने कहा कि हिंदू कोई संज्ञा नहीं, बल्कि एक स्वभाव है, जो मत, पूजा पद्धति या जीवनशैली के आधार पर झगड़ा नहीं करता। इसी भावना को मजबूत करने के लिए प्रांत स्तर के बजाय ब्लॉक या खंड स्तर पर सद्भावना बैठकों का आयोजन किया जाना चाहिए। इसमें 12 सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में तेली समाज की तरफ से मेवालाल साहू, यादव समाज के कृष्ण संघर्ष यादव, मीणा समाज से रामनिवास रावत, जैन समाज के देवेंद्र जैन, सौंधिया समाज के प्रताप सिंह सिसौदिया, संगीत संस्था से डॉ. केशव पांडेय, रघुवंशी समाज से अमित रघुवंशी, कायस्थ समाज से सुनील श्रीवास्तव, माहेश्वरी समाज की रंजना बाहेती, राजपूत समाज से अभय परमार और भार्गव समाज के महेंद्र भार्गव ने भी अपनी बात कही। सद्भावना बैठक के तीन तरीके भी बताए शिव और संघ एक समान, दोनों ने जहर पिया: पंडित प्रदीप मिश्रा कार्यक्रम में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि संघ और शिव समान हैं। दोनों ने विश्व की भलाई के लिए विष पिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रकृति सबको समान रूप से देती है, उसी तरह संघ का प्रचारक बिना किसी दिखावे के काम करता है, यह नहीं सोचता कि कोई उसे देख रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि अन्य समाज अपनी-अपनी जाति के हित में काम कर रहे हैं, लेकिन क्या किसी ने समाज के लिए स्कूल या अस्पताल बनाए हैं। मतांतरण कराने वाले पहले लोगों को शिक्षा और इलाज से जोड़ते हैं और फिर उन्हें अपने अनुसार प्रभावित करते हैं। इसलिए समाजों को केवल अपने हित नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए भी सोचना और काम करना चाहिए, जैसे संघ करता है।


