उदयपुर में एक पिता ने जिंदा बेटी का शोक संदेश छपवाया है। यही नहीं पिता समेत पूरे परिवार ने बेटी को मृत मानते हुए उसके गौरणी धूप दस्तूर (मृत्युभोज) भी किया। पिता ने बेटी को वसीयत से भी बेदखल करने का निर्णय लेते हुए संबंध विच्छेद करने की बात कही है। मामला उदयपुर के शहर से सटे प्रतापनगर थाना इलाके के एक गांव का है। दरसअल परिवार ने 2 महीने पहले ही बेटी की पूरे रीति रिवाज के साथ उनके ही समाज के एक युवक से शादी करवाई थी। कुछ दिनों पहले बेटी ने पति और ससुराल के साथ वालों को धोखा देकर लव मैरिज कर ली। यही नहीं बेटी ने दोनों ही परिवारों से नाता तोड़कर अन्य युवक के साथ चली गई। बेटी की इस हरकत का पिता और परिवार को पता चला तो उन्होंने काफी समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। हारकर पिता ने जिंदा बेटी की शोक पत्रिका छपवाई और गौरणी धूप दस्तूर (मृत्युभोज) भी करवाया है। पिता ने शोक पत्रिका के माध्यम से समाज के लोगों को अपने घर बुलाया और सबके सामने अपनी बेटी को मृत घोषित कर दिया, उसके बाद पिता सहित पूरे परिवार ने नवमी की धूप दे दी ओर सभी के सामने एलान किया कि अब उससे मेरा कोई लेना देना नहीं है। गौरणी-धूप कार्यक्रम में परिजन, रिश्तेदार और समाज के लोग मौजूद थे। शोक पत्रिका में पिता ने छपवाया कि उसकी बेटी की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद उसने नवमी की धूप का समय निर्धारित कर समाज के सभी लोगों को अपने घर बुलाया और सभी के सामने कोमल के फोटो पर फूलों का हार चढ़कर उसे मृत घोषित करते हुए धूप दे दी। इसके बाद समाज के सभी लोगों के सामने अपनी बेटी से पूर्ण रूप से संबंध विच्छेद करने का ऐलान कर दिया। पिता ने सभी के सामने कहा कि उसने अपनी बेटी की बड़े ही लाड प्यार से परवरिश की और रीति रिवाज के साथ शादी करवाई लेकिन शादी के 2 महीने बाद ही अन्य समाज के किसी युवक के साथ शादी करने जैसा घिनौना काम किया है इससे वह पूर्ण रूप से शर्मिंदा है, इसलिए अपनी बेटी से सारे रिश्ते नाते खत्म कर रहा है, भविष्य में उससे कोई लेना देना नहीं है।
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