भास्कर न्यूज| चाईबासा रविवार को स्थानीय अर्जुन हॉल दुम्बीसाई चाईबासा में आदिवासी हो द्वितीय राजभाषा कार्य समिति झारखण्ड द्वारा चौथे ओत् गुरु लाको बोदरा सम्मान समारोह का आयोजन द्वितीय राजभाषा कार्य समिति के सदस्य बागुन बोदरा की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें हो भाषा के विकास और प्रसार प्रचार में योगदान करने वाले हो समाज के तीन लोगों को शाल ओढ़ाकर व प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो प्रदान कर लको बोदरा सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में पत्रकार सह कार्टूनिस्ट थॉमस सुन्डी, हो भाषा साहित्यकार लेखक बुधन सिंह हेस्साः और रिम्स रॉची के शिशु रोग विशेषज्ञ सर्जन चिकित्सक डॉ हीरेन्द्र बिरुवा शामिल है । मौके पर हो लिपि से गांव में साइन बोर्ड लगाने वाले युवाओं को भी शाल ओढ़ाकर समारोह के अध्यक्ष बोदरा द्वारा सम्मानित किया गया। मौके पर द्वितीय राजभाषा कार्य समिति के सदस्य सह साहित्यकार डोबरो बुड़ीउली ने पिछले चार साल से लगातार आयोजित हो रहे ओत् गुरू लको बोदरा सम्मान समारोह पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि द्वितीय राजभाषा कार्य समिति के द्वारा लगातार पिछले चार साल से सम्मान समारोह आयोजित करने का उद्देश्य समाज के लोगों को हो भाषा के विकास और प्रसार प्रचार के लिए प्रोत्साहित करना है। सम्मानित पत्रकार सह कार्टूनिस्ट थॉमस सुन्डी, हो भाषा साहित्यकार लेखक बुधन सिंह हेस्साः और रिम्स रॉची के शिशु रोग विशेषज्ञ सर्जन चिकित्सक डॉ0 हीरेन्द्र बिरुवा के प्रतिनिधि दलपत देवगम मानकी देवगम ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के युवाओं को पढ़ लिखकर समाज के हित में आगे बढ़ कर हो भाषा व साहित्य के प्रचार प्रसार करने की दिशा में आगे आएं। लेखन,कार्टून, सिनेमा ,नाटक व अन्य माध्यमों से हम अपनी पहचान को मिटने से बचा सकते हैं। मौके पर सिकन्दर बुड़ीउली, सरिका पुरती सुन्डी, सतीश समद, जवाहरलाल बांकिरा आदि मौजूद रहे।


