मध्यप्रदेश के भिंड में लाड़ली बहना योजना में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जिले की कई महिलाओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग सहित बैंक में शिकायत दर्ज कराई। लाड़ली बहनाओं द्वारा शिकायत करने के बाद भी अभी तक इसका कोई निराकरण नहीं हो पाया है। दो माह से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी लाड़ली बहनाओं के खाते में रुपए नहीं पहुंचे हैं। महिलाओं का कहना है कि जो राशि ट्रांसफर की जा रही है, वह किसी अन्य खाते में जा रही है। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय जैन ने इससे बैंक की गलती बताया है। इसके बाद जब उनसे बैंक द्वारा जारी कोई प्रमाण पत्र मांगा गया, तो उन्होंने जानकारी देने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि इस मामले में विभाग के वरिष्ठ अफसर को सभी प्रकार की जानकारी दे दी गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी जैन से पूरा पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने इंकार कर दिया। केस एक: फूप की संतोषी देवी का भिंड जिले के फूप कस्बे की संतोषी देवी धानुक वार्ड क्रमांक आठ में रहती हैं। उनके खाते में अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर माह की लाड़ली बहना योजना की राशि नहीं आई। संतोषी देवी का कहना था कि शासन द्वारा दी जाने वाली 1250 रुपए की राशि से मैं अपना उपचार कर रही थी। महिला संतोषी देवी का कहना है कि पिछले कुछ महीने पहले वह बाइक से गिर गई थी, जिसके कारण उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। महिला का कहना है कि मैं बहुत गरीब हूं और मेरे कमाई का कोई साधन नहीं है। प्रदेश सरकार द्वारा की दी जाने वाली लाडली बहन योजना की राशि से वह ग्वालियर के एक डॉक्टर से उचित उपचार ले रही थी, परंतु यह राशि बंद होने के साथ ही उसका उपचार भी बंद हो गया है। आधार कार्ड या केवाईसी की त्रुटि जांच में अधिकारियों ने इसे आधार कार्ड या केवाईसी की त्रुटि बताया। परंतु जब संतोषी देवी ने लिखित शिकायत दर्ज कराई, तो सच्चाई सामने आई। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, उनकी राशि सुमन देवी नामक महिला के खाते में स्थानांतरित हो चुकी थी। सुमन देवी का बैंक खाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, चचाई शाखा, जिला अनूपपुर में है। हैरानी की बात यह है कि फूप की रहने वाली संतोषी देवी की राशि इतनी दूर स्थित खाते में कैसे पहुंच गई। जब बैंक रिकॉर्ड की गहराई से जांच की गई, तो पता चला कि दिसंबर माह में सुमन देवी के खाते में करीब ₹9,22,000 जमा किए गए। इस राशि का अधिकांश हिस्सा जल्द ही निकाल लिया गया और खाते में केवल ₹5,000 शेष रहे। केस दो : बरैहिन की कंचन देवी नयागांव थाना क्षेत्र के बरैहिन निवासी कंचन देवी का है। कंचन देवी का खाता बैंक ऑफ इंडिया, पांडरी शाखा में है। उनकी नवंबर और दिसंबर माह की राशि राजकुमार पगारे नामक व्यक्ति के खाते में स्थानांतरित हो गई। जब कंचन देवी ने शिकायत दर्ज कराई, तो विभागीय जांच में खुलासा हुआ कि राजकुमार पगारे के खाते में बड़ी मात्रा में सरकारी राशि जमा की गई। महिलाओं की चुप्पी: घोटालेबाजों का फायदा विभागीय सूत्र बताते है कि लाड़ली बहना समेत अन्य योजना की राशि में रातों रात खाते बदलकर घोटाला किया जाता है जब शिकायतें आती है तो हितग्राही के खाते में योजना की राशि दी जाने लगती है। सबसे बड़ी बात यह है कि ज्यादातर महिलाएं, जिन्हें लाड़ली बहना योजना के तहत ₹1,250 मासिक मिलते हैं, यदि उनकी राशि एक-दो महीने नहीं आती, तो इसे नजरअंदाज कर देती हैं। घोटालेबाज इसी का फायदा उठाकर उनके पैसों को फर्जी खातों में ट्रांसफर कर लेते हैं। महिलाओं की राशि गायब विभागीय जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि सैकड़ों महिलाओं की राशि इसी तरह तीन फर्जी खातों में स्थानांतरित की गई। इससे साफ है कि यह घोटाला प्रदेश स्तर पर बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से किया गया है। इस मामले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, फूप शाखा के मैनेजर से बातचीत की, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं की राशि संबंधित विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए खातों में ही भेजी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक अधिकारियों को खातों में हेरफेर करने का कोई अधिकार नहीं है।


