सुल्तानपुर | राष्ट्रीय पर्व पर 1992 की कश्मीर तिरंगा यात्रा के सहयात्री एडवोकेट सुरेश श्रीवास्तव को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। श्रीवास्तव ने बताया कि उस समय कश्मीर में आतंक और डर का माहौल था। वहां राष्ट्रीय ध्वज का अपमान होता था। इससे देशभक्तों को गहरी पीड़ा होती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे डॉ. मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में हुई तिरंगा यात्रा का हिस्सा बने।


