लिंगियाडीह में बेदखली के खिलाफ प्रदर्शन:पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने कार्रवाई बंद नहीं होने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

बिलासपुर के लिंगियाडीह क्षेत्र में नगर निगम की ओर से कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स और उद्यान निर्माण के नाम पर गरीब परिवारों के मकान तोड़ने और नोटिस जारी करने के विरोध में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। सर्वदलीय विकास मंच लिंगियाडीह के बैनर तले लिंगियाडीह चौक पर चल रहे धरना आंदोलन के दूसरे दिन पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने पहुंचकर अपना समर्थन जताया। मंच के प्रतिनिधियों ने पूर्व विधायक शैलेश पांडेय को अपनी 10 सूत्रीय मांगों वाला एक ज्ञापन सौंपा। शैलेश पांडेय ने यह ज्ञापन आगे बिलासपुर कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर को प्रेषित किया। इस दौरान पूर्व उन्होंने निगम और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिंगियाडीह में वर्षों से रह रहे गरीबों के मकान हटाने की कार्रवाई को खुला अन्याय बताया। शैलेश पांडेय ने कहा कि यह सरकार “गरीबी हटाओ नहीं, बल्कि गरीबों को हटाओ” की नीति पर चल रही है। उन्होंंने आरोप लगाया कि जिन गरीब परिवारों को दो साल पहले पैसे लेकर जमीन देने का वादा किया गया था, आज उन्हीं को उजाड़ा जा रहा है। पहले 150 दुकानों को तोड़ा गया था और अब सैकड़ों मकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है। उग्र आंदोलन की चेतावनी पूर्व विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम लगातार बड़े कॉम्प्लेक्स बनाकर कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना चाहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बेदखली की कार्रवाई बंद नहीं की गई, तो विरोध प्रदर्शन और अधिक उग्र होगा। 505 परिवारों तो नहीं मिला पट्टा सर्वदलीय मंच का आरोप है पात्र होने के बावजूद 505 परिवारों को पट्टा नहीं दिया गया है। जबकि इनसे 10 रुपए प्रति वर्गफुट की दर से राशि जमा कराई गई थी। गरीबों को बेदखल किया तो बर्दाश्त नहीं करेंगे मंच का आरोप है कि निगम ने पहले 150 दुकानों को तोड़ा, अब 113 मकानों पर कार्रवाई की योजना बना रहा है। गार्डन और कॉम्प्लेक्स के नाम पर गरीबों को विस्थापित करने की साजिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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