लुधियाना की जगराओं कौंसिल विवाद में पार्षद पर FIR:जातिसूचक शब्दों के आरोप खारिज, महिला MLA और कौंसिल प्रधान के गुट आमने-सामने

लुधियाना के जगराओं नगर कौंसिल में 30 जुलाई को हुई हाउस बैठक में दो पार्षदों के बीच विवाद के मामले में पुलिस ने डेढ़ महीने की जांच के बाद वार्ड नंबर 12 के आजाद पार्षद हिमांशु मलिक पर मामूली धाराओं में मामला दर्ज किया है। भाजपा नेता और पूर्व नगर कौंसिल अध्यक्ष व मौजूदा पार्षद सतीश कुमार पप्पू ने एसएसपी देहात डॉक्टर अंकुर गुप्ता को शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि हिमांशु मलिक ने मारपीट की और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। कुछ पार्षदों ने भी सतीश पप्पू के पक्ष में बयान दिए थे। डीएसपी सिटी जसजोत सिंह की जांच रिपोर्ट में जाति सूचक शब्दों के आरोप साबित नहीं हुए। जांच में यह मामला दोनों पक्षों की राजनीतिक रंजिश का पाया गया। वीडियो फुटेज में हिमांशु केवल मामूली धक्का देते हुए दिखाई दिए। डीए लीगल की राय के बाद आजाद पार्षद हिमांशु मलिक पर बीएनएस की धारा 115(2), 296 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी ने दोनों पक्षों पर अपराध रोको कार्रवाई की सिफारिश की थी। महिला विधायक और कौंसिल प्रधान के गुट में शक्ति प्रदर्शन का था मामला
जानकारी के मुताबिक 30 जुलाई को नगर कौंसिल के मीटिंग हॉल में हुई धक्का मुक्की और कहासुनी के बाद पार्षद हिमांशु मलिक और पार्षद सतीश कुमार पप्पू ने एक दूसरे के खिलाफ शिकायत देकर बड़े-बड़े आरोप लगाए थे। परंतु असलियत में अब यह मामला दोनों पार्षदों की धक्का मुक्की और कहासुनी का नहीं बल्कि सीधे-सीधे महिला विधायक बीबी सरबजीत कौर मानूके और नगर काउंसिल प्रधान राणा के गुट के बीच आपसी शक्ति प्रदर्शन का बन चुका था। एक और पूर्व पूर्व प्रधान सतीश कुमार पप्पू चाहे मौजूदा समय में भाजपा के पार्षद है। परंतु वह इस समय भी महिला विधायक बीबी सरबजीत कौर मानूके के गुट को ही समर्थन करते हैं। जबकि दूसरी ओर हिमांशु मलिक चाहे आजाद चुनाव जीते हो परंतु इस समय उनका पूरा समर्थन नगर कौंसिल के प्रधान और कांग्रेसी नेता जितेंद्र पाल राणा के साथ ही है। जांच के दौरान भी दोनों के समर्थन में दो दो तीन तीन पार्षदों ने अपने अपने बयान दर्ज करवाए हैं। क्या कहते हैं पार्षद हिमांशु मलिक
​​​​​​​इस संबंधी बातचीत करने पर आजाद पार्षद हिमांशु मलिक ने कहा कि वह पहले दिन से ही कह रहे थे कि उनके ऊपर जो भी जातिसूचक शब्द कहने के आरोप लगाए जा रहे हैं वह सरासर झूठे हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जांच रिपोर्ट में जिन-जिन पार्षदों ने झूठी गवाहियां और बयान दिए हैं अब वह उन्हें कोर्ट में देखेंगे। पार्षद हिमांशु ने बताया कि जांच रिपोर्ट में जांच अधिकारी और डीए लीगल के द्वारा साफ तौर पर दोनों पक्षों पर अपराध रोकू कार्रवाई करने की बात लिखी गई है जबकि मामला चाहे मामूली धाराओं के तहत दर्ज हो परंतु दोनों पर दर्ज होना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है और वहीं से उन्हें इंसाफ मिलेगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *