लुधियाना नगर निगम के 35 वर्षों के इतिहास में पहली बार किसी महिला को मेयर की कुर्सी संभालने का अवसर मिला है। नवनियुक्त मेयर इंद्रजीत कौर मध्यवर्गीय परिवार से हैं और शहर के सुभाष नगर में अपने परिवार के साथ रहती हैं। 37 वर्षीय इंद्रजीत बीकॉम और एमबीए की डिग्री रखती हैं, जबकि उनके पति रवि आनंद का होजरी का कारोबार है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इंद्रजीत ने अपना राजनीतिक सफर 2022 में ही शुरू किया और इतने कम समय में ही मेयर का पद हासिल कर लिया। अब उनके सामने शहर की कई गंभीर चुनौतियां हैं।
इनमें शहर की साफ-सफाई, सीवरेज की समस्या, बुड्डा नाला की सफाई जैसी लंबे समय से लटकी समस्याएं शामिल हैं। साथ ही ताजपुर रोड पर स्थित कूड़े के डंप को हटाना, अवैध निर्माण पर कार्रवाई, सड़कों का निर्माण और शहर में सिटी बस सेवा शुरू करना प्रमुख चुनौतियां हैं। नगर निगम चुनाव में दिलचस्प स्थिति रही, जहां आम आदमी पार्टी को 41, कांग्रेस को 30 और भाजपा को 19 सीटें मिलीं। किसी को भी 48 सीटों का बहुमत नहीं मिला। इसके बाद AAP ने अन्य दलों के पार्षदों को अपने पाले में लाने की कोशिश की। कांग्रेस से 4, भाजपा से 1 और एक निर्दलीय पार्षद AAP में शामिल हुए। हालांकि, दूसरी पार्टियों से AAP में आए किसी भी पार्षद को मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर या डिप्टी मेयर का पद नहीं मिला। विधायक भोला, पप्पी व सिद्धू रहे आगे, बग्गा पिछड़े-
लुधियाना में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के पद को लेकर सभी विधायक अपने-अपने करीबी साथी पार्षदों को पद दिलवाने में जुटे थे और लगातार हाईकमान के संपर्क में थे लेकिन इनमें विधायक पप्पी, विधायक भोला और विधायक कुलवंत सिद्धू कामयाब रहे जबकि मदन लाल बग्गा पिछड़ गए। विधायक मदन लाल बग्गा के किसी भी साथी पार्षद को कोई पद नहीं मिला जबकि बग्गा अपने बेटे अमन बग्गा को डिप्टी मेयर का पद दिलवाने मे लगातार पार्टी हाईकमान से संपर्क साध रहे थे। लेकिन ना तो उनके बेटे को पद मिला ना ही उनके हल्के से किसी साथी पार्षद को। MLA दलजीत भोला के हल्के से आती हैं मेयर इंद्रजीत कौर
लुधियाना की मेयर बनी इंद्रजीत कौर विधायक दलजीत भोला के हल्के से आती हैं और पिछले एक महीने से विधायक दलजीत भोला इंद्रजीत कौर को मेयर पद दिलवाने के लिए लगातार पार्टी हाईकमान के संपर्क में थे। पार्टी ने भोला की लाज रखी और आखिरकार इंद्रजीत कौर को मेयर पद देकर नवाजा। MLA पप्पी के भाई राकेश पराश्रर 6 बार रहे चुके पार्षद
पार्टी ने राकेश पराश्रर जोकि 6 बार पार्षद रह चुके हैं और विधायक अशोक पराश्रर पप्पी के सगे भाई हैं, इन्होंने 2022 में AAP का झाड़ू पकड़ा था। पार्टी ने उन्हें सीनियर डिप्टी मेयर का पद नवाजा। परिंस जौहर बने पहली बार डिप्टी मेयर, सिद्धू के हैं करीबी साथी- परिंस जौहर जिन्हें पार्टी ने डिप्टी मेयर का पद सौंपा, वह विधायक कुलवंत सिद्धू के करीबी साथी हैं। जब विधायक कुलवंत सिद्धू ने कांग्रेस छोड़ AAP में शामिल हुए थे तब परिंस जौहर ने भी सिद्धू के साथ आप ज्वाइन की थी। विधायक सिद्धू भी अपने साथी को डिप्टी मेयर का पद हासिल करवाने में कामयाब रहे हैं। मेयर-डिप्टी मेयर का हल्कों मे हुआ गर्मजोशी से स्वागत
मेयर बनने के बाद इंद्रजीत कौर का उनके हल्के व वार्ड के लोगो ने गर्मजोशी से स्वागत किया। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराश्रर और डिप्टी मेयर बने परिंस जौहर का लोगों ने फुल मालाओं से स्वागत किया।
वहीं मीडिया से बात करते हुए मेयर इंद्रजीत कौर ने कहा कि उनके समक्ष शहर की सैकडों समस्याएं हैं लेकिन वह मिल-बैठकर सारी समस्याओं का हल करेंगी और सभी को साथ लेकर चलेंगे। इंद्रजीत कौर ने कहा कि शहर के विकास में किसी फंड की कमी नहीं आने देंगे और लुधियाना को नमूने का शहर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।


