पंजाब के लुधियाना में कस्बा खन्ना साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 21 लाख 41 हजार रुपए की ठगी की रकम पीड़ित डॉक्टर को वापस दिलवाई है। पुलिस ने 13 जनवरी 2026 को धारा 318(4), 61(2) बीएनएस और 66-डी आईटी एक्ट के तहत थाना साइबर क्राइम, खन्ना में दर्ज किया गया था। पंजाब पुलिस के DGP गौरव यादव (आईपीएस) और लुधियाना रेंज के डीआईजी सतिंदर सिंह के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की गई। साइबर अपराध और ठगों पर लगाम लगाने के लिए वरिष्ठ कप्तान पुलिस खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया (आईपीएस) के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया। ऐसे हुई 5.5 करोड़ की ग्रांट के नाम पर ठगी
मामले में शिकायतकर्ता डॉ. गुरजीत सिंह निवासी कर्मसर श्री राड़ा साहिब ने पुलिस को बताया कि अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें MSME ग्रांट और इनोवेट महाटेक स्कीम के तहत 5.5 करोड़ रुपए की ग्रांट दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने लोन और ग्रांट दिलाने के नाम पर शिकायतकर्ता से 21 लाख 41 हजार रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए और इसके बाद संपर्क तोड़ लिया। तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी और वित्तीय जांच शुरू की। जांच के दौरान 1930 साइबर पोर्टल के माध्यम से 20 लाख 82 हजार 700 रुपए की राशि को समय रहते होल्ड कर लिया गया। आरोपी राजस्थान, मुंबई और जयपुर से गिरफ्तार हुए है। आरोपियों की पहचान मेघना पत्नी पंकज गवाला, निवासी मुंबई / जयपुर, पुष्कर पुत्र संजीव कुमार, निवासी बाड़ी, जिला धौलपुर (राजस्थान), भूपेंद्र शर्मा पुत्र महेश कुमार शर्मा निवासी झालावाड़ (राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों से कुल 21,41,000 रुपए की राशि बरामद की। पुलिस के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पूरी ठगी की रकम 21.41 लाख रुपए शिकायतकर्ता को वापस कर दी गई है। खन्ना साइबर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि कोई भी अनजान व्यक्ति यदि लिंक भेजे, OTP मांगे, या बैंक डिटेल्स की मांग करे तो ऐसी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं, ताकि ठगी की राशि को समय रहते होल्ड किया जा सके।


