पंजाब रोडवेज, पनबस/पी.आर.टी.सी. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने बुधवार को सुबह से शाम तक लुधियाना बस स्टैंड को पूरी तरह बंद रखा। यूनियन के सदस्यों ने सुबह 8 बजे बस स्टैंड के तीनों गेटों के आगे बसें लगा दीं। इस एक्शन से सुबह 11 बजे तक बस स्टैंड पूरी तरह से बंद रहा। हालांकि आधा घंटा बसें रवाना हुईं लेकिन 11:30 बजे यूनियन के सदस्यों ने फिर तीनों गेट बंद कर दिये। 12:30 बजे पुलिस और एसडीएम जसलीन कौर ने दोबारा खुलवाया। बस स्टैंड के भीतर खड़ी करीब 95 बसें अपनी निर्धारित यात्राओं पर रवाना नहीं हो सकीं। सिर्फ दस बसें ही वैकल्पिक रास्तों से बाहर निकल पाईं। लगभग 90 प्रतिशत बसें पूरा दिन स्टैंड में ही फंसी रहीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड पर मौजूद सवारियां दो घंटे तक अंदर ही भटकती रहीं, क्योंकि तीनों गेट कर्मचारियों ने बंद कर दिए थे। सुबह 5 बजे ही पुलिस ने यूनियन के प्रधान शमशेर सिंह को उनके घर पर नजरबंद कर दिया, जिसके खिलाफ कर्मचारी हरपाल सिंह सुबह 10 बजे पानी की टंकी पर चढ़ गया था। शाम 5 बजे एसोसिएशन और पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर उसे नीचे उतारा। हरपाल सिंह का कहना था कि पुलिस और सरकार द्वारा कर्मचारियों से किए जा रहे अन्याय को देखकर वह भावुक होकर टंकी पर चढ़ गया। जीएम बस स्टैंड नवतेज बातिश ने बताया, करीब 12:30 बजे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद बस स्टैंड को आवागमन के लिए खोल दिया गया। यात्रियों को भारी मुश्किल का सामना करना पड़ा। सरकारी बसें नहीं चलने की वजह से निजी बसों ने बस स्टैंड से बाहर से यात्री उठाए। मांगे माने जाने तक प्रदर्शन जारी उधर यूनियन प्रधान शमशेर सिंह ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, उनका प्रदर्शन प्रतिदिन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि रात को बस स्टैंड में प्रदर्शन जारी रखने की व्यवस्था न होने के कारण शाम 6 बजे धरना समाप्त किया गया, लेकिन सुबह से आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सरकार बार बार भरोसा देने के बावजूद किलोमीटर स्कीम लाने को बाजिद है। इससे रोडवेज विभाग को बड़ा नुकसान होगा। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मजबूरी: प्राइवेट बस से जाना पड़ा चंडीगढ़ रोजाना आने-जाने वाली पूजा रानी ने बताया कि वह लंबे समय तक बस स्टैंड में ही प्रदर्शन के चलते फंसी रहीं। बस का समय होते ही यूनियन के कर्मचारियों ने गेट बंद कर दिए। वह काफी देर बस स्टैंड में ही फंसी रहीं। जिसके कारण उन्हें मजबूरी में प्राइवेट बस का सहारा लेना पड़ा। वहीं सुखविंदर सिंह, जिन्होंने अबोहर के लिए सरकारी बस का टिकट ले लिया था, बताया कि दो घंटे तक बस स्टैंड में फंसे रहने के बाद उन्हें भी प्राइवेट बस से जाना पड़ा। पेट्रोल हाथ में लिए बस स्टैंड में बनी टंकी पर चढ़ा मुलाजिम। {इस दौरान प्रदर्शनकारियों और एसीपी के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। एसीपी ने गुस्से में कहा-“तुम कैसे पब्लिक को बंद कर सकते हो” {जवाब में प्रदर्शनकारियों ने कहा “आपने भी तो दो गुना पुलिस बुला ली है!” {एसीपी ने तल्खी में कहा, “चाहे चार गुना पुलिस बुला लूं, तुम प्यार से गेट खोलो!”


