लुधियाना में चोरी हुई बाइक से कट रहे चालान:लापरवाही या सिस्टम की खामी; ढाई माह पहले शिकायत कार्रवाई नहीं, 2 बार कटे चालान

लुधियाना में चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस से लेकर आम लोगों तक सबको चौंका दिया है। जिस मोटरसाइकिल को उसका मालिक चोरी होने के बाद हमेशा के लिए खो चुका समझ बैठा था, वही बाइक अब शहर की सड़कों पर धड़ल्ले से चलती हुए नजर आ रही हैं और अपने मालिक के नाम पर चालान कटवा रहीं हैं। ताजा मामला फतेहपुर बाजवा चौक निवासी राहुल सचदेवा के साथ हुआ। उनकी बाइक करीब ढाई माह पहले चोरी हो गई थी। इसकी शिकायत भी पुलिस में दर्ज कराई गई थी। अब उस बाइक के दो चालान उनके पास पहुंचे हैं। सवाल यह है कि जब यह बाइक चोरी हुई थी और इसकी जानकारी पुलिस को थी तो पकड़ी क्यों नहीं गई। बाइक मालिक से सुनिए… उनकी कहानी फतेहगंज बाजवा चौक निवासी राहुल सचदेवा के मुताबिक यह पूरा मामला 17 सितंबर का है। राहुल ने अपनी हीरो होंडा स्प्लेंडर प्लस (PB-91-E-5367 सिल्वर, मॉडल–2019) को दोपहर करीब 4:30 बजे माता रानी चौक पर एक बंद स्पेयर पार्ट्स की दुकान के बाहर खड़ा किया था।
राहुल के अनुसार वह मुश्किल से 15 मिनट बाद वापस लौटे तो बाइक गायब थी। उन्होंने सोचा शायद कोई जानकार गलती से ले गया होगा। उन्होंने तुरंत चौकी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन शिकायत की फाइल वहीं की वहीं पड़ी रही। इसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दो महीने बाद आया ‘सरकारी सबूत’ करीब दो महीने बाद राहुल के फोन पर अचानक दो मैसेज आए। ये कोई दोस्त या रिश्तेदार के नहीं बल्कि ऑनलाइन चालान थे, उसी बाइक के थे, जो चोरी हो चुकी थी। पहला चालान 29 सितंबर गिल चौक लुधियाना और दूसरा चालान 7 नवंबर ललहेड़ी रोड खन्ना पर हुआ था। राहुल ने बताया
मेरी बाइक चोरी है और चोर बिना हेलमेट और ओवरस्पीड के मजे ले रहा है, लेकिन पेनल्टी मेरे नाम पर कट रही है अब बड़ा सवाल यह कि लुधियाना से चोरी हुई बाइक खन्ना तक कैसे पहुंच गई। कौन चला रहा है और पुलिस को अभी तक पता क्यों नहीं चलाय​​​​​​? पुलिस को चालानों से मिली नई ‘ट्रैकिंग क्लू’ राहुल ने पुलिस से मांग की है कि इन चालानों को ट्रैकिंग पॉइंट बनाकर उस व्यक्ति तक जल्द पहुंचा जाए। CCTV फुटेज ई-चालान लोकेशन और समय ये सब पुलिस की जांच के लिए सबसे मजबूत सुराग बन सकते हैं। चोरी की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई न करना पुलिस की लापरवाही चालान कटने के बावजूद वाहन चोरी की जानकारी सिस्टम में न दिखना ट्रैफिक सिस्टम की खामी और अब बाइक चोर का लगातार फरार होना जांच में सुस्ती का संकेत है। अब देखना यह है कि पुलिस इन सरकारी सुरागों के भरोसे बाइक चोर तक पहुंच पाती है या फिर राहुल सचदेवा को अपनी चोरी हुई बाइक के और नए चालानों का इंतजार करना पड़ेगा।

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